सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के विरोध में तथा स्थानीय समस्याओं के
समाधान की मांग को लेकर आल इंडिया रेलवे फेडरेशन के आह्वान पर ईस्ट सेंट्रल
रेलवे कर्मचारी यूनियन ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया।
रेलकर्मियों
ने बांहों पर काली पट्टी बांध कर काम किया। यहीं नहीं विभिन्न स्थानों पर
रेलकर्मियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी भी की। चेतावनी दी
कि रेलकर्मियों की मांगे पूरी नहीं हुई, तो कर्मचारी हड़ताल पर जाने को
बाध्य होंगे।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की अनियमितता के विरोध में
रेलकर्मी पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत हैं। लगातार गेट मीटिंग के बाद
शुक्रवार को कर्मचारियों ने काला दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
इसी निर्णय
के आधार पर शुक्रवार की सुबह कर्मचारी काम पर पहुंचे, लेकिन यहां उन्होंने
बांहों पर काली पट्टी बांधी और दिन भर काम किया। मंडलीय लोको अस्पताल में
कर्मचारी यूनियन ने सभा कर वेतन आयोग के सिफारिशों की खामियां गिनाई और इसे
सिर्फ अधिकारियों के हित वाला बताया।
कर्मचारियों ने पुुरानी पेंशन योजना
की बहाली, रेलवे में एफडीआई रोकने की मांग की। इसी तरह प्लांट डिपो शाखा पर
आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी
यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सातवें वेतन
आयोग की सिफारिशें कर्मचारियों के लिए छलावा है।
इसमें सिर्फ अधिकारियों के
हितों की बात कहीं गई है। रेलकर्मियों की पुरानी मांगों को भी दर किनार
किया गया है। यही नहीं सरकार लगातार रेलवे के निजीकरण का प्रयास कर रही है।
इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान स्थानीय समस्याओं के
लिए भी अधिकारियों को कोसा गया। इस मौके पर रमाशंकर मिश्र, सुल्तान अहमद,
जमाल अहमद, सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, केदारनाथ तिवारी, रामजी यादव, सुनील
कुमार गोंड, सूर्यलाल, बृजमोहन, राधेश्याम, अरविंद कुमार, पप्पू यादव,
मुकेश आदि उपस्थित रहे।