अतिक्रमण कर बनाए गए धार्मिक स्थलों पर तुरंत हटाने के हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ऐसे स्थलों की सूची बना रहा है। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत के अनुसार अभी तक ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची उपलब्ध नहीं हैं लेकिन फौरी तौर पर जिले में 20 से अधिक ऐसे धार्मिक स्थल चिह्नित किए गए हैं। मनमाने तरीके से लोग सड़क पर कब्जा करने के लिए कई बार धार्मिक स्थल बना लेते हैं। कई जगह सड़कों के बीच में बने धार्मिक स्थलों से लोगों को दिक्कत होती है लेकिन आस्था का विषय होने के कारण कोई कुछ कहता नहीं है।
पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने के लिए धार्मिक स्थल निर्माण में तेजी आई है। यही नहीं सड़क किनारे, ग्राम समाज की भूमि, सहित अन्य खाली पड़े स्थानों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके बहाने भूमि पर कब्जा किया भी किया जा रहा है। और तो और धार्मिक स्थल के बहाने ही व्यवसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इसको लेकर जगह-जगह विवाद भी चल रहे हैं लेकिन मामला धार्मिक होने की वजह से जिला प्रशासन सीधे हस्तक्षेप नहीं कर पाता है
पिछले दिनों मामला बढ़ने पर जिला प्रशासन ने सूची तैयार करना शुरू तो कर दिया लेकिन अभी तक सूची पूर्ण नहीं हो सकी है।
डीएम कुमार प्रशांत ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर बने धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की जा रही है। सर्वाधिक धार्मिक स्थल चंदौली से पड़ाव के बीच हाईवे पर और पचफेड़वा से पड़ाव तक पुराने जीटी रोड पर है जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है। अभी तक हाई कोर्ट के आदेश की प्रति कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। हाईकोर्ट का आदेश आते ही उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। ।