चंदौली। अंतरराष्ट्रीय ओलंपियन शिवपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद उठे विवाद के बीच चंदौली पुलिस ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष सार्वजनिक किया। एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शिवपाल सिंह की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर चल रहे गलत तरीके से फंसाने के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया।
एएसपी ने बताया कि 21 जून 2026 को बलुआ थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ मारपीट, सोने की चेन छीनने और अवैध असलहे के प्रदर्शन की घटना हुई थी। इस मामले में थाना बलुआ पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिवपाल सिंह, उनके भाई नंदकिशोर सिंह और सुधांशु सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में शिवपाल सिंह, उनके भाई नंदकिशोर सिंह और अन्य साथी व्यापारी के साथ मारपीट करते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। नंदकिशोर ने अवैध असलहा लहराकर भय और आतंक का माहौल बनाया। विवेचना के दौरान नंदकिशोर के कब्जे से वह असलहा बरामद किया गया है। एएसपी ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप ही मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
दूसरी घटना भी जांच के दायरे में
पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में यह बताया कि विवेचना के दौरान एक और घटना सामने आई है, जिसमें शिवपाल सिंह और उनके भाई नंदकिशोर सिंह एक साथ मौजूद थे। इसमें एक पिकअप चालक के साथ मारपीट करने और अवैध असलहा लहराकर लोगों में दहशत फैलाने का आरोप है। इस घटना का भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है। हालांकि अब तक किसी ने तहरीर नहीं दी है। उनका का कहना है कि यदि शिवपाल सिंह का इन गतिविधियों से कोई संबंध नहीं होता तो उन्हें अपने भाई द्वारा अवैध असलहा रखने और उसका प्रदर्शन करने की सूचना पुलिस को देनी चाहिए थी। उपलब्ध साक्ष्यों से प्रतीत होता है कि वह अपने भाई के कृत्यों का प्रत्यक्ष रूप से साथ देते रहे।