स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्थापक की
मूर्ति के नीचे लगे छात्र संघ के शिलापट्ट को उखाड़े जाने से नाराज छात्र
नेता समर्थकों के साथ गुरुवार की सुबह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
सूचना
पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी ने छात्रों को समझाया कि वे लोग
अपनी बात एसडीएम और सीओ सदर के सामने पत्रक के माध्यम से रखें। इस पर
छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
कॉलेज के संस्थापक पंडित पारस नाथ
तिवारी की मूर्ति कालेज प्रांगण में लगवाने की अनुमति की छात्रसंघ
उपाध्यक्ष क्षितिश कुमार ने कॉलेज प्रशासन से मांगी थी। इस पर महाविद्यालय
ने उसे मूर्ति लगाये जाने की इजाजत दे दी।
छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने मूर्ति
लगवाने के दौरान उस कार्य को कराये जाने के दौरान शिलापट्ट लगवाया जिस पर
उसका नाम भी अंकित है।
बाद में मूर्ति अनावरण को लेकर महाविद्यालय
प्रशासन और छात्र संघ उपाध्यक्ष आमने सामने आ गए। कॉलेज के प्रबंधक राजेश
तिवारी ने कहा की मूर्ति लगवाने में आये खर्च का भुगतान छात्र नेता को कर
दिया गया था। इसलिये इसका अनावरण कॉलेज प्रशासन अपने अनुसार करवाएगा।
वहीं
दूसरी तरफ छात्र नेता ने मूर्ति के एवज में किसी भी रकम के प्राप्त होने
से इंकार कर दिया। पिछले दिनों जिचबाजी के बीच छात्रसंघ उपाध्यक्ष क्षितिश
कुमार ने अपने समर्थकों संग मूर्ति का अनावरण कर दिया। उपाध्यक्ष ने आरोप
लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने लगे शिलापट्ट को उखाड़ दिया।
इसकी शिकायत
जिलाधिकारी से की गयी। इसपर जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। छात्र
नेता क्षितिश कुमार ने बताया की कार्यवाही के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
कर दिया गया है। इस संबंध में एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा ने पत्रक के
आधार जाँच कराई जायेगी ।