पीडीडीयू नगर। जगत के पालन हार भगवान विष्णु 12 नवंबर को यानी एकादशी को योगनिद्रा से जागेंगे। देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा तथा वैवाहिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 118 दिन बाद वैवाहिक लग्न की शुरुआत होने से लोगों में उत्साह है। पिछले वर्ष शादी के लिए कुल 62 मुहूर्त मिले थे। पुरोहितों के अनुसार नवंबर दिसंबर से अगले वर्ष के जून तक ही 62 मुहूर्त मिल रहे हैं। इसके बाद फिर नवंबर और दिसंबर में भी शादी का लग्न है।
मान्यता है कि आषाढ़ माह के देवशयनी एकादशी से चतुर्मास की शुरूआत होती है। इसके साथ ही मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। इस वर्ष 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्य रुके थे। 118 दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवोत्थान एकादशी 12 नवंबर को भगवान विष्णु योग निद्रा से जांगेंगे। इसी दिन तुलसी और शालिग्राम की शादी होगी। इसी के साथ शादियां होने लगेंगी। नगर के चतुर्भुजपुर निवासी पं. कुंज बिहारी मिश्र और जायसवाल स्कूल रोड निवासी पं. संतोष तिवारी ने बताया कि हरिप्रबोधिनी एकादशी का व्रत 12 नवंबर को मनाया जाएगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2025 तक एक महीने खरमास के कारण विवाह नहीं होंगे। मकर संक्रांति के बाद फिर से शादियां शुरू हो जाएंगी।
2024 के विवाह मुहूर्त
नवंबर-12, 22, 23, 24, 25 और 26
दिसंबर-2, 3, 4, 5, 9, 10, 13 और 15
2025 में विवाह मुहूर्त -
जनवरी 16, 17, 18,19, 20, 21, 22 और 23
फरवरी- 3, 3, 6, 7, 12, 13, 15, 18, 20, 21,22 और 25
मार्च 1, 2, 3, 6, 7 और 12
अप्रैल- 16, 18, 20, 29, 30
मई-01,5,6, 7, 8, 15, 17, 18, 22, 23, 28
जून -2, 4, 7 और 8