पीडीडीयू नगर के लाल बहादुर शास्त्री पार्क उपेक्षित पड़ी प्रतिमा। संवाद
पीडीडीयू नगर। सड़क चौड़ीकरण के बाद उजड़े शास्त्री पार्क में स्थापित देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा उपेक्षा का शिकार है। जिस स्थान पर प्रतिमा का सम्मान होना चाहिए, वहां लोग अपना सामान रख रहे हैं। प्रतिमा का चबूतरा लोगों का डेरा बन गया है। आसपास कपड़े सुखाए जाते हैं और शाम होते ही नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है।
नगर में सड़क किनारे करीब 35 साल पहले शास्त्री पार्क बनाया गया था। यहां पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। नगर पालिका ने पार्क का सुंदरीकरण कराया, जिससे यह राहगीरों के विश्राम का प्रमुख स्थान बन गया। गर्मी में लोग यहां बैठकर आराम करते थे, जबकि सर्दियों में नगर पालिका की ओर से रैन बसेरे की व्यवस्था की जाती थी। लोगों की सुविधा के लिए ठंडे पानी की मशीन, शौचालय और प्रतिमा के ऊपर टिन शेड लगाया गया था।
हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पार्क की एक ओर की दीवार भी तोड़ दी गई। इसके बाद पूरा पार्क उजड़ गया। इस समय प्रतिमा के चारों ओर गंदगी फैली है। लोग प्रतिमा के पास सामान रख देते हैं, चबूतरे पर सोते हैं और रस्सी बांधकर कपड़े सुखाते हैं। खानाबदोश लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे प्रतिमा की गरिमा धूमिल हो रही है।
स्थानीय निवासी शैलेंद्र श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, उमेश, अजय, रत्नेश और कन्हैया आदि का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा को उजड़े पार्क में छोड़ देना उचित नहीं है। नगर पालिका प्रतिमा को किसी सम्मानजनक स्थान पर स्थापित कर उसका समुचित संरक्षण करे।
पीडीडीयू नगर के लाल बहादुर शास्त्री पार्क उपेक्षित पड़ी प्रतिमा। संवाद