शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार को देर शाम गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। वह तीन मई को गोयात्रा निकालेंगे। 81 दिवसीय गोयात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में जाएगी। इस दौरान शंकराचार्य सभाएं कर सनातनियों को गोरक्षा और गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए जागरूक करेंगे।
श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता के प्राणों की रक्षा के लिए जितने प्रयास भारत में किए जा रहे हैं, अगर उतने प्रयास पाकिस्तान में भी होते तो वहां भी गोमाता के प्राणों की रक्षा के साथ उन्हें राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि हमारे देश में हिंदूवादी कहने वाली सरकारों को इसकी परवाह नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गोमाता को राष्ट्रमाता एवं राज्य माता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करने में सरकार के सामने क्या कठिनाई है। शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिए सरकार को स्वयं संज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिए। जब लोकतंत्र में हर जगह बहुमत से निर्णय होता है तो गोमाता की रक्षा के लिए देश का बहुमत बार-बार निवेदन कर रहा है, फिर भी इसकी अवहेलना हो रही है।
शंकराचार्य ने बताया कि तीन मई से गोरखपुर से गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 403 विधानसभाओं में जाएगी। इस दौरान वह सनातनी जनता से संवाद स्थापित करेंगे और उन्हें गोरक्षा के लिए प्रेरित करेंगे। इस मौके पर साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा, किशोर देव शास्त्री, संजय पांडेय, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, राजेंद्र तिवारी, शैलेंद्र योगी, परमेश्वरदत्त शुक्ला, राजा सक्षम सिंह योगी, हजारी कीर्ति नारायण शुक्ला, सतीश अग्रहरि, रमाशंकर दीक्षित आदि उपस्थित रहे।