नियामताबाद/ कंदवा। जनपद में रविवार की भोर से शुरू हुई बरसात सोमवार की
दोपहर में जाकर थमी। हालांकि सूर्य के दर्शन तो शाम के वक्त ही हुए।
इस
बीच कभी झमाझम तो कभी धीमी बरसात होती रही। यह बरसात कच्चे घरों के लिए
काफी नुकसानदायी रही। बारिश से रविवार को अलीनगर थाना क्षेत्र के कठौड़ी
गांव में एक कच्चा घर गिरने से अमर नाथ यादव (55) उसमें दबकर गंभीर रूप से
घायल हो गया।
जबकि कंदवा क्षेत्र के कोरमी गांव में रविवार की रात दो
कच्चे घर सहित तीन झोपड़ियां गिर गईं। झोपड़ी में दबने से हरनाम बिंद (54)
घायल हो गया। वहीं घरों में रखा गृहस्थी का सारा सामान बर्बाद हो गया। दो
दिन में जिले में जहां 40 मिलीमीटर बरसात हुई, वहीं बरसात से गंगा का
जलस्तर भी बढ़ गया है।
लगातार बारिश से रविवार की रात अलीनगर थाना
क्षेत्र के कठौड़ी गांव निवासी अमर नाथ यादव का कच्चा मकान धराशाई हो गया।
जिसके मलबे में वह दब गया। घरवालों और आसपास के लोगों ने उसे मलबे से बाहर
निकाला और मुगलसराय स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया।
चिकित्सकों
के अनुसार उसकी हालत गंभीर है। उधर कोरमी गांव निवासी बुद्धू गुप्ता का
मिट्टी का घर अचानक गिर पड़ा। घर के लोग तो घर गिरने से पहले ही भाग निकले,
लेकिन घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया। वहीं गांव के ही
चंद्रमा का खपैरल का घर अचानक गिर गया।
जिससे उसमें बंधी गाय और बछिया दब
गई। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर किसी प्रकार गाय और बछिया को
बाहर निकाला। इसी तरह कोरमी गांव के ही हरनाम बिंद के झोपड़ी की बल्ला
अचानक टूट जाने से हरनाम बिंद दब गया।
मौके पर जुटे लोगों ने घायल को बाहर
निकाला और कंदवा स्थित निजी अस्पताल में मरहम पट्टी करवाई। वहीं कोरमी
गांव के ही दया राम की झोपड़ी पर कच्चे घर की दीवाल अचानक गिर गई।
जिससे
झोपड़ी में बंधी गाय और बछिया दब गई। गांव के लोगों ने काफी मेहनत के बाद
गाय और बछिया को बाहर निकाला। वहीं दूसरी ओर रामपुर गांव में भी रविवार की
रात दामोदर यादव की झोपड़ी गिर गई। जिससे उसमें रखा सामान बरबाद हो गया।