किसी भी होटल, प्रतिष्ठित व सरायों में किसी व्यक्ति के जान माल की सुरक्षा का दायित्व होटल मालिक व संचालक की होती है। आप सभी का दायित्व है कि उन्हें पूरी सुरक्षा व सुविधा मुहैया कराये और उनकी उम्मीदों पर आप खरे उतरे। इसी के लिए ग्राहक होटल को पैसा देता है। यह बातें जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने शुक्रवार को कलेक्टेªट सभागार में जनपद के सभी होटल मालिकों व संचालकों से कही।
उन्होंने कहा कि काम सही से हो इसके लिए आप अपने होटलों का रजिस्टेªशन अपर जिलाधिकारी के कार्यालय पर सम्पर्क कर हर हाल में करा लें, क्योंकि जांच के दौरान कोई भी कमी पाये जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होगी। वहीं जिनका रजिस्टेªशन पुराना है वे अपना पुन: नवीनीकरण करा लें।उन्होंने कहा कि जिस होटल में कोई बाहरी व्यक्ति ठहरने के लिए आता है तो उसकी पूरी जांच करके ही ठहरने दिया जाय।
होटल में अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था होनी चाहिए। कमरों का निर्धारित शुल्क तय होना चाहिए। सराय में मौजूद रजिस्टर का सत्यापन समय-समय पर होना चाहिए। सराय में रूकने वाले व्यक्तियों का नाम, पता, आईडी से प्राप्त करें। होटल में दुर्घटना के समय इलाज के लिए प्राथमिक उपचार (फर्स्टएड) की व्यवस्था हो। होटलों में एक पंजिका रखी जाय, जिस पर ग्राहक अपने शिकायतों को दर्ज कर सके। सराय में ठहरने वाले यात्रियों को रसीद प्राप्त कराया जाता है अथवा नहीं, सराय अधिनियम के अंतर्गत सराय पंजीकृत है अथवा नहीं। होटल प्रबन्धक व प्रतिनिधि का नाम एवं मोबाइल नंबर, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था का प्रमाण पत्र, सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र है कि नहीं। जिलाधिकारी ने कहा कि सराय में वाचमैन की नियुक्त है कि नही और उसकी पूरी जानकारी कर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि अगली बार बैठक में रजिस्टर व प्रमाण पत्र साथ लाये। इस अवसर पर सभी उपजिलाधिकारी मुगलसराय, तहसीलदार उपस्थित रहे।