चंदौली जिले में आवास निर्माण के लिए चयन होने के बाद भी पंचायत सचिवों ने अपने चहेतों के खाते में धनराशि भेज दी। लाभार्थी आवास निर्माण के लिए भुगतान पाने के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर काट रहे है। मामला संज्ञान में आने के बाद परियोजना निदेशक ने चकिया ब्लाक के बुढ़वल और सिकंदरपुर के पंचायत सचिवों को नोटिस देकर धनराशि जमा करने का निर्देशा दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि धनराशि जमा नहीं कराए जाने पर संबंधित सचिवों के वेतन कटौती करके वसूली होगी।
विकास खंड चकिया क्षेत्र के बुढ़वल गांव निवासी इंद्रावती देवी पत्नी शिव और सिकंदरपुर गांव निवासी रागिनी देवी का चयन आवास के लिए किया गया था। शासन स्तर से धनराशि आवंटित होने के बाद विभाग ने लाभार्थियों के खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही के चलते दो आवासों की दो लाख 60 हजार रुपये धनराशि वास्तविक लाभार्थियों के बजाए दूसरे के खाते में पहुंच गई।
इसके चलते आवास निर्माण की प्रक्रिया अधर में लटक गई। लाभार्थियों ने ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिनों मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो खलबली मच गई। अफसरों ने इसकी जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। परियोजना निदेशक ने धनराशि की रिकवरी के लिए ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप कुमार व प्रमोद कुमार को नोटिस जारी कर दिया है।
उन्हें तत्काल पैसा वापस कराने का निर्देश दिया गया है। यदि जल्द धनराशि की वापसी नहीं हुई तो सचिवों के वेतन से इसकी वसूली की जाएगी। परियोजना निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि सचिवों की ओर से आवास की धनराशि दूसरे के खाते में भेज दी गई थी। धनराशि की रिकवरी के लिए नोटिस जारी की गई है। यदि पैसा वापस नहीं हुआ तो उनके वेतन से वसूला जाएगा।