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ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे का दावा, मिल रही सिर्फ छह घंटे बिजली

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कंदवा। अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली व्यवस्था बीते एक माह से बिल्कुल चरमरा गई है। इससे उपभोक्ताओं को उमस में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के लिए भी दिक्कत हो रही है। इसकी वजह जमानिया से आने वाली आपूर्ति में तकनीकी गड़बड़ी है। लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से इसे दुरुस्त नहीं किय जा सका है। बिजली की आंख मिचौली से किसानों की खेती भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 16-18 घंटे आपूर्ति का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है।
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जमानिया उपकेंद्र से अमड़ा विद्युत उपकेंद्र के असना, ककरैत, धीना, रेरुआ, जेवरियाबाद और विश्वबैंक फीडर संचालित होते हैं। इनसे नरवन के 120 गांवों के साथ 70 राजकीय नलकूपों और सैकड़ों निजी सबमर्सिबल पंप व पंपिंग सेटों के साथ विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टावर और बिजली पर आधारित दर्जनों प्रतिष्ठानों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। पिछले एक माह से बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के डा. संजय सिंह, डा. समर बहादुर सिंह, देवेंद्र राय, रमेश राय, डा. मनोज सिंह चंदेल, संजय सिंह, डा. जयकुमार सिंह, महेंद्र यादव आदि लोगों का कहना है कि अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े नरवन वासियों को गाजीपुर जनपद के जमानिया से बिजली आपूर्ति की जाती है। पिछले 48 घंटे में मात्र छह घंटे ही बिजली मिली है। चेताया कि अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड तीन सकलडीहा के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह का कहना है कि गड़बड़ी की जांच करवाकर आपूर्ति दुरुस्त करा दी जाएगी।
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