पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों में बंद ताले छह माह बाद सोमवार से खुल गए। परिसर गुलजार हो गए। शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूरी सुरक्षा और विद्यार्थियों की दूरी के बीच कक्षा नौ से बाहरवीं तक की पढ़ाई दो पालियों में हुई। स्कूल पहुंचे बच्चों में जहां उत्साह दिखा वहीं उनके अभिभावक व्यवस्था को लेकर जानकारी लेते रहे। जबकि स्कूल प्रबंधन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क रहा। बच्चों के स्कूल पहुंचने से पहले परिसर, कक्षाओं को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। बसों को भी सैनिटाइज कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। शिक्षक भी मास्क के साथ कक्षा में पहुंचे और विषय को पढ़ाया।
कोरोना संक्रमण के चलते मार्च के दूसरे पखवारे से ही स्कूलों को बंद कर दिया गया था। तब से स्कूलों के ताले नहीं खुले। यह जरूर रहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य और प्रबंधन एवं कर्मचारी कार्यालय अनलाक के बाद जा रहे थे मगर बच्चों को स्कूल जाने की इजाजत नहीं थी। स्कूल खुलने से पहले डीआईओएस डॉ. विनोद कुमार राय ने प्रबंधन के साथ बैठक कर सुरक्षा नियमों से अवगत कराया था। सोमवार के स्कूल खुलते ही पहले दिन करीब 30-40 फीसदी तक बच्चों की उपस्थिति रही। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या 20-25 प्रतिशत तक रही। अभिभावक अभी सुरक्षा व्यवस्था को परख रहे है। माना जा रहा है कि दशहरे बाद बच्चों की संख्या स्कूलों में 50 फीसदी के पार हो जाएगी।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए गए थे। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के बीच कक्षाएं संचालित की गई। छात्राओं को जागरूक भी किया गया। आभा सिंह, प्रधानाचार्य, एलबीएस बालिका इंटर कालेज, पीडीडीयू नगर
स्कूल आने वाले बच्चों को कोई परेशानी न हो इसके लिए मास्क के साथ सैनिटाइज कराया गया था। स्कूल परिसर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता के पोस्टर भी लगाए गए थे। सिस्टर वीना, प्रधानाचार्य, सेंट मेरी कांवेंट स्कूल हिनौली
कोरोना संक्रमण को चलते पहले दिन स्कूल जाने में थोड़ी झिझक थी लेकिन स्कूल में सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। दूरी और मास्क के साथ कक्षाएं चली हैं। अपर्णा आनंद, छात्रा
स्कूल खुलने से कम से कम पढ़ाई शुरू हो गई। कक्षाओं में सैनिटाइज के साथ दूरी पर बैठाया गया था। इससे अब कोई डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सुरक्षा ध्यान रखना जरूरी है। काजल यादव, छात्रा
पहले दिन स्कूल नहीं गए हैं। व्यवस्था को देखने के बाद दशहरे बाद स्कूल जाएंगे। तब तक हालात और सामान्य हो जाएंगे। ऋतिका कौर, छात्रा
अभिभावक
स्कूल खुलने पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूलों से जो फीड बैक मिला है वह अच्छा है। नवरात्र बाद बच्चों को सहमति पत्र के साथ स्कूल भेजेंगे। अशोक यादव, अभिभावक
पहले दिन बच्चों को स्कूल नहीं भेजे हैं। लेकिन पढ़ाई शुरू हो गई है तो अब जल्द ही स्कूल भेजा जाएगा। क्योंकि प्रबंधन ने भी सुरक्षा के अच्छे इंतजाम किए हैं। योगेश, अभिभावक