दो दिनों तक ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना के बाद सोमवार को नाचते गाते भक्तों ने भावुक पलों में मां को विदा किया।
पंडालों
में स्थापित मां की प्रतिमा का विसर्जन धूम धाम से विभिन्न तालाबों,
पोखरों, नहरों में हुआ। इसके पूर्व पंडालों में विधि विधान से मां सरस्वती
की पूजा अर्चना की गई और प्रसाद का वितरण हुआ। यहां होली के गीतों से पूरा
इलाका गूंजता रहा। इसके बाद विभिन्न वाहनों पर मां हंसवाहिनी की प्रतिमा रख
कर झांकी निकाली गई।
कई स्थानों पर शुक्रवार को मां सरस्वती की पूजा
अर्चना की गई, जबकि अधिकांश स्थानों पर शनिवार को पंडालों में मां सरस्वती
की प्रतिमा स्थापित की गई और विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
रविवार को
प्रतिमा का विसर्जन न होने की वजह से दूसरे दिन भी पंडालों में मां की पूजा
अर्चना की गई और आरती उतारी गई। सोमवार को पंडालों से मां की प्रतिमा की
विदाई दी गई।
कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन कर खिचड़ी बांटी गई। नगर के
कूढ़े खुर्द, प्लांट डिपो, यूरोपियन कालोनी, रोजा कालोनी, सिकटिया,
परशुरामपुर, तारनपुर, लोको कालोनी, मानसनगर, सेंट्रल कालोनी पूजा के प्रसाद
वितरित हुआ