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रेलवे यार्ड में पलटा ट्रेन का एक डिब्बा, पहुंची अधिकारियों की टीम

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पीडीडीयू रेलवे यार्ड में मॉकड्रील के दौरान बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे जंक्शन के पश्चिमी छोर पर पीडब्लूूआई नार्थ कार्यालय के समीप रेलवे यार्ड में यात्री ट्रेन के एक कोच के बेपटरी होने की सूचना पर अधिकारियों में खलबली मच गई। दुर्घटना के बाद लगातार आपातकाल सायरन की आवाज गूंजने लगी। कोच के पलटने और यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) 11वीं बटालियन और एआरटी, चिकित्सक, आरपीएफ, फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई। दो घंटे के प्रयास के बाद कोच में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह पूरा मामला रेलवे और एनडीआरएफ का संयुक्त अभ्यास का रहा। आम लोगों को पता चला कि मॉकड्रिल हो रहा है तो राहत की सांस ली।
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पूर्व में तय अभ्यास के तहत शुक्रवार को यार्ड में ट्रेन के एक डिब्बे को बेपटरी कर दिया गया। शाम पांच बजे से डीआरएम ऑफिस से आपातकाल सायरन गूंजने लगी। इस सूचना के बाद एनडीआरएफ 11वीं बटालियन पूरी तैयारी के साथ पहुंच गई। वहीं रेलवे के एआरटी (दुर्घटना राहत यान) की टीम पहुंच गई। वहीं सिग्नल, आरपीएफ, जीआरपी, अग्निशमन दल पहुंच गई। सबसे पहले पलटे बोगी के आस पास जुटी भीड़ को सुरक्षा बलों ने दूर किया और एनडीआरएफ ने पूरे इलाके की घेरेबंदी की। दो घंटे के प्रयास के बाद अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। हालांकि इस बार कोरोना की वजह से मॉकड्रिल का अंदाजे बयां अलग दिखा। आपदा राहत में जुटे सभी लोग मास्क लगाकर रहे। यही नहीं पलटे कोच में भी एनसीसी और स्काउट गाइड के सदस्यों की जगह पुतलों को घायल के रूप में रखा गया। दो घंटे के प्रयास क बाद सभी घायलों का बाहर निकाला गया और चिकित्सकों ने उपचार किया। रेलव और एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन स्थिति से निपटने का अभ्यास कराया गया है। इस तरह के अभ्यास से विभागीय कर्मचारियों के प्रदर्शन का आंकलन किया जाता है।
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