होली का त्योहार बितने के बाद ट्रेनों में एक बार फिर भीड़ उमड़ पड़ी है। स्थिति यह है कि ट्रेनों के शौचालयों में भी यात्रा करने के लिए यात्री मजबूर हैं। ऐसे में अप की ट्रेनों की भीड़ को संभालने में सुरक्षाकर्मियों को पसीने बहाने पड़ रहे हैं।
बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से लाखों लोग दिल्ली, मुंबई, गुजरात, चेन्नई जैसे महानगरों में काम करते हैं। होली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर एक सप्ताह पहले से घर पहुंचने वालों की वजह से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई थी। निजी फैक्टरियों में काम करने वालों को छूट्टियां भी कम दिन की ही मिली है। ऐसे में लोग त्योहार बितते ही वापस जाने को उतावले हो गए हैं। काम पर वापस जाने वालों की वजह से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। अप की ट्रेनों की स्थिति यह है कि उसमें पैर रखने की भी जगह नहीं बच रही है। सबसे खराब स्थिति तो जनरल कोच की हो रही है। इसके शौचालयों में भी यात्री ठूंसे भरे हैं। यही नहीं स्लीपर कोच और एसी कोच की भी हालत जनरल कोच जैसी ही नजर आ रही है।
महानंदा एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, दादर गुवाहाटी, ब्रह्मपुत्र मेल, हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस, कालका मेल सहित अन्य ट्रेनों की स्थिति गंभीर है। रेलवे ने भीड़ को देेखते हुए होली स्पेशल ट्रेन भी चलायी है लेकिन इससे भी भीड़ कम नहीं हुई है।
इस बावत आरपीएफ मुगलसराय पोस्ट प्रभारी व्यंकटेश और जीआरपी मुगलसराय प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि होली के बाद वापस जाने वालों की भीड़ जुट रही है। ऐसे में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों को असुविधा न हो इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है।