फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीई : अब दूसरे वार्ड के विद्यालयों में भी मिल सकेगा प्रवेश

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के अभिभावकों और बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए दूसरे वार्ड के विद्यालयों में प्रवेश की अनुमति दे दी है।
विज्ञापन

अब आगामी शैक्षणिक सत्र से अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन न केवल अपने वार्ड बल्कि दूसरे वार्ड के विद्यालयों में भी करा सकेंगे। अब तक आरटीई के अंतर्गत केवल उसी वार्ड के विद्यालय में प्रवेश की अनुमति थी।
इसी कारण हर साल बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त कर दिए जाते थे। जिले में प्रतिवर्ष 3000 से 4000 तक आवेदन आते हैं, लेकिन इनमें से केवल 1200 से 1500 बच्चों का ही नामांकन हो पाता था। शेष आवेदन केवल इसलिए खारिज कर दिए जाते थे क्योंकि बच्चों ने दूसरे वार्ड के विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन


हर साल 400 से 600 आवेदन होते थे निरस्त
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक हर वर्ष लगभग 400 से 600 आवेदन केवल वार्ड प्रतिबंध की वजह से अस्वीकार कर दिए जाते थे। विद्यालय भी इन्हें स्वीकार नहीं करते थे। नतीजतन कई बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ता था।

270 विद्यालयों में नामांकन की संभावना बढ़ी
नए नियम लागू होने के बाद अब जिले के 270 विद्यालयों में नामांकन की संभावना बढ़ गई है। इससे शिक्षा का दायरा विस्तृत होगा और अधिक बच्चे लाभान्वित होंगे। खासकर उन अभिभावकों के लिए यह राहत की बात है, जो अपने वार्ड में विकल्प न होने की वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण विद्यालयों में दाखिला नहीं दिला पाते थे। अब तक नामचीन विद्यालय नियमों को लेकर अधिक सख्ती दिखाते थे और दूसरे वार्ड से आए आवेदन सीधे खारिज कर देते थे। नए निर्देशों के बाद इन विद्यालयों को भी प्रवेश देना होगा।

विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाना है। नए नियम से न केवल अभिभावकों को सहूलियत होगी बल्कि बच्चों को बेहतर विकल्प भी मिल सकेंगे।-सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें