चंदौली। जिले की कुल आबादी 21 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 22 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। यानि लगभग 95 हजार लोगों पर एक वेंटिलेटर की व्यवस्था है। वो भी बेहोशी के डॉक्टरों की कमी की वजह से शिफ्टवार चलाए जा रहे हैं। जिले में जिस तरीके से कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी है और मौत का आंकड़ा रफ्तार पकड़ रहा है। उसमें यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे जैसी ही है।
जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार आए दिन दहाई में मरीजों की मौत हो रही है। हालांकि हकीकत में मौत का आंकड़ा जिले के शमशान घाटों पर जलती चिताओं को देखकर लगाया जा सकता है। परंतु यह दुर्भाग्य है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक केवल 22 वेंटिलेटर की व्यवस्था कर पाया है। जहां मरीजों को शिफ्टवार ऑक्सीजन देने की व्यवस्था की गई है। 14 चंदौली, आठ चकिया में है। जबकि 35 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर विकल्प के रुप में रखा गया है। सीएमओ डॉ वीपी द्विवेदी का कहना है कि कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सकों को तैनात किया गया है। जीवन रक्षक वेंटिलेटर पर मरीजों को आवश्यकतानुसार आक्सीजन दिया जा रहा है। 22 वेंटिलेटर पर शिफ्टवार मरीजों को सुविधा दी जा रही है।