नगर वासियों का चार पहिया वाहन का शौक बढ़ने के साथ नगर में वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं इसके हिसाब से मार्ग और गली जस के तस हैं। इसके चलते अब शहर में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। जहां तहां गाड़ी खड़ी करने की वजह से नगर व मोहल्ले की गलियां भी बेहद संगरी हो गईं हैं। स्थान की कमी के चलते वाहन स्वामी गली या सड़क पर अपने वाहन खड़ा कर रहे हैं। शासन की ओर से भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा रही।
जनपद चंदौली के शहर मुगलसराय की आबादी लगभग तीन लाख हो चुकी है । जो की नगर पालिका क्षेत्र के कुल 25 वार्डों में रहती है सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मुग़लसराय में लगभग सात हजार चार और तीन पहिया वाहन है। ज्यादातर लोगों के पास इन वाहनों के पार्किंग की सुविधा नहीं है। इसके चलते वाहन स्वामी इन्हें घर के बाहर सड़कों पर ही खड़ा कर दे रहे हैं। सड़क को दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाने से सड़कें गलियों में बदल जा रही है ।
इसकी वजह से अक्सर जाम की स्थिति हो जाती है। सबसे ज्यादा ख़राब हालत कसाब महाल की है। यहां एक तरफ बड़ा सा नाला है उस पर बने छोटे छोटे पुलों पर लोगों ने अपने अपने वाहन खड़े किये हुए तो हैं ही वही नाले के किनारे बनी सड़क पर भी गाडुी खड़ा कर देते है । हालात यह हो जाते है की इमरजेंसी में एक एंबुलेंस का निकलना भी मुश्किल हो जाता है । इसके बाद जब आप पुल से उतरकर फायर ब्रिगेड की तरफ आये तो वहां नगर पालिका द्वारा खड़ा किया ट्रैक्टर भी हर दिन जाम का कारण बन जाता है। ऐसा ही कुछ नजारा नगर पालिका कार्यालय के पास भी देखने को मिल जायेगा। यहां दिन भर सड़क पर वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं।
इसके बाद काली महाल, अलीनगर, पटेल नगर, गल्ला मंडी चौराहा, मैनाताली, धर्मशाला रोड, सुभाषनगर में भी स्थिति कमोबेश एक जैसी ही है । हालांकि रविनगर, कैलाशपुरी जैसी पॉश कॉलोनियों में भी गाड़ियां घरों के बाहर ही खड़ी रहती है लेकिन सड़के अधिक चौड़ी होने चलते फ़िलहाल कोई समस्या नहीं है लेकिन गाड़ियों की संख्या इसी तरफ बढ़ती रही तो यहां भी सड़के कम पड़ जाएगी । नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद कहते है पालिका के पास ऐसा कोई नियम नहीं है जिसके तहत ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके ।