टांडाकला। क्षेत्र के रमदत्तपुर गांव की स्थिति दयनीय है। दलित बस्ती में पिछले एक साल से सीवर नाली की पटिया टूटी होने से ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। खुली नाली से उठने वाली दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
गांव के लालजी ने बताया कि नाली खुली होने से उसमें लगातार कचरा फंसता रहता है, इससे पानी आगे नहीं बढ़ पाता। एक जगह जमा होकर बजबजाता रहता है। स्थिति इतनी खराब है कि सड़क के दोनों ओर बसे घरों के अंदर तक सड़न की बदबू आती है।
ग्रामीणों ने व्यथा सुनाई कि जब वे खाना खाने बैठते हैं, तो सामने बहती गंदगी और बदबू से निवाला नहीं उतरता। मच्छरों से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।