नौबतपुर में पुराने पुल का मरम्मत कार्य शुरू।
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सैयदराजा। नौबतपुर के पास बिहार सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों को जोड़ने वाले कर्मनाशा नदी पर बने नये पक्के पुल के खराब होने और लाकडाउन के चलते मरम्मत का काम धीमी गति से होने से एनएचएआई ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में नदी पर अंग्रेजी जमाने में बने पुराने पुल की मरम्मत का कार्य भी शनिवार से शुरू कर दिया। ताकि खराब हुए पक्के पुल के दोनों ओर बनाए गए अस्थायी पुल को बारिश में पूरी तरह से बंद होने के बाद और खराब पुल की मरम्मत का काम समय से पूरा न होने की स्थिति में पुराने पुल से आवागमन शुरू किया जा सके।
गौरतलब है कि अंग्रेजों के समय बने पुल के जर्जर होने के कारण एनएचएआई ने कर्मनाशा नदी पर चार लेन का नया पक्का पुल बनाया था। वर्ष 2009 में उस पर आवागमन शुरू हुआ था। 28 दिसंबर 2019 को यह पुल खराब हो गया। इसके चलते पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इससे यूपी में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों का संपर्क कट गया। तब जिला प्रशासन की तेजी के बाद एनएचएआई ने नदी पर दो अस्थायी पुल का निर्माण कराकर आवागमन तो जनवरी में चालू करा दिया लेकिन यह निर्णय लिया गया कि इस अस्थायी पुल को बारिश शुरू होते ही जून के अंतिम सप्ताह में पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इस बीच खराब हुए नए पक्के पुल का निर्माण भी ब्रिज एक्सपर्ट की सलाह पर एनएचएआई ने सोमा कंपनी से काम भी फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू कर दिया गया और जून तक इसे पूरा करना है। कोरोना वायरस का संक्रमण और लाकडाउन के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम भी चल रहा था मगर अब लाकडाउन से सामानों के लाने की दिक्कत हो गई।
एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर नागेश सिंह ने बताया कि खराब हुए पक्के पुल में इस्तेमाल होने वाले 600 टन का जैक बेलगाम कर्नाटक से मंगाया जाना है लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते सामान नहीं आ पा रहा है। वहीं पुल मरम्मत के लिए कुछ सामान जर्मनी से मंगाए जाने हैं। लेकिन देश और दुनियाभर में कोरोना वायरस के चलते सामान नहीं आ पा रहा है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि यदि क्षतिग्रस्त पक्के पुल का निर्माण जून तक पूरा नहीं हो पाया तो बारिश में अस्थायी पुलों के बंद होने के बाद आवागमन की बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी। ऐसे में पुल की मरम्मत शुरू करा दी गई है। ताकि बारिश में इसे विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। कोशिश है कि क्षतिग्रस्त पुल का काम भी जून तक पूरा करा लिया जाए।