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Chandauli News: नहर के टूटे तटबंध की हुई मरम्मत

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नियामताबाद। विकासखंड के गोधना नईबस्ती के समीप शनिवार की सुबह नरायनपुर पंप कैनाल की मुख्य नहर के टूटे तटबंध की मरम्मत रविवार को दिनभर होती रही। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मरम्मत का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा।
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जिले में सिंचाई के लिए नरायनपुर पंप कैनाल का निर्माण कराया गया है। इससे जनपद के किसानों के फसल की सिंचाई होती है। शुक्रवार की रात विभागीय कर्मचारियों ने मुख्य नहर में इतना अधिक पानी छोड़ दिया कि शनिवार की सुबह गोधना नईबस्ती गांव के पास मुख्य नहर का तटबंध ही टूट गया । इससे करीब ढाई सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी, घरों में भी पानी चला गया था। किसानों ने आरोप लगाया था कि इसकी सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे।
जब गांव में पानी घुसने लगा तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। जिन्होंने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीडीडीयू नगर चकिया मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया। घटना की जानकारी जैसे ही जिला प्रशासन को हुई मौके पर तत्काल राहत और बचाव दल के साथ जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे सहित कई विभागों के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। देर रात तक स्थिति सामान्य हो गई। टूटे तटबंध की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रवि शंकर मिश्रा, एसडीओ तृप्ति और जेई शोंनु कुमार,सुनील कुमार गुप्ता की देखरेख में मजदूर लगाए गए। जेसीबी और ट्रैक्टर से मिट्टी लाकर तटबंध को भरने का कार्य चल रहा है। इस बाबत अधिशासी अभियंता रविशंकर मिश्रा ने बताया कि तटबंध के मरम्मत का कार्य चल रहा है देर रात तक यह पूरा हो जाएगा।
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नियामताबाद। विकासखंड के गोधना नई बस्ती के पास गंगा नहर के तटबंध के टूटने के बाद मरम्मत के दौरान कुलावा नहीं लगाए जाने पर क्षेत्रीय किसान पंचम यादव, सलारू यादव, कन्हैया यादव, लालजी आदि ने नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि उक्त जगह पर करीब 50 साल से कुलावा लगा था। जिससे किसान सिंचाई करते थे। लेकिन तटबंध मरम्मत में कुलवा न लगाए जाने से सिंचाई में बाधा पहुंचेगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजस्व अभिलेख में उक्त जगह पर नाली न होने के कारण कुलावा नहीं लगाया जा रहा है। सिंचाई के लिए पास में ही नाली और कुलावा पहले से ही लगाए गए हैं। जिससे किसानों की सिंचाई होती रहेगी। संवाद
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