मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने बरठा ग्राम की चकबंदी होने के साथ धारा-32
के प्रकाशन के बाद भी लेखपाल द्वारा बस्ता जमा नहीं करने पर नाराजगी जताते
हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को दोषी कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल मुकदमा
दर्ज कराने का आदेश दिया, साथ ही नगर पंचायत सैयदराजा के अधिशासी अधिकारी
के पत्र में प्रयुक्त शब्दों पर आपत्ति जताते हुए नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने
ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश कुमार सिंह को प्रतिकूल टिप्पणी जारी करने को
कहा। उन्होंने ये निर्देश मंगलवार को सदर तहसील सभागार में फरियादियों की
समस्याएं सुनने के दौरान दिए।
उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को
तहसील दिवस पर आए प्रार्थनापत्र को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का
निर्देश दिया। प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में कोई पक्षपात नहीं होनी
चाहिए। रिपोर्ट का क्रास जांच कराएं जिससे हकीकत सामने आ सके। शिथिलता
बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश
दिया या उनके खिलाफ रिपोर्ट भेजें।
न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों में
अधिकारी अपनी भूमिका न निभायें। इस दौरान सिविल बार महामंत्री विरेंद्र
प्रताप सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताआें का एक दल तहसील परिसर में व्याप्त
समस्याओं से अवगत कराया।
जिस पर कमिश्नर ने तहसील परिसर में आरओ एवं वाटर
कूलर लगाए जाने के साथ ही वाहन स्टैंड के लिए जमीन की व्यवस्था करने का
अधिकारियों को निर्देश दिया। मामलों का समय पर निस्तारण नहीं होने पर सभी
कानूनगो को निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों की प्रारंभिक आख्या 16 जून तथा
छह जुलाई तक मामलों को निस्तारित करने का निर्देश दिया। इस दौरान कुल 124
प्रार्थनापत्र आए, जिसमें 15 का मौके पर निस्तारण किया गया। पुलिस उप
महानिरीक्षक एसके भगत ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून
व्यवस्था बनाये रखें।
किसी भी स्थान पर अप्रिय घटना की सूचना मिले तो
तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर डीएम सुरेंद्र विक्रम, सीडीओ
जगदीश सिंह, सीएमओ डा. आरएन सिंह, एएसपी जियालाल, गिरीश आदि उपस्थित रहे।