जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम ने शनिवार को विकास भवन सभागार में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान लापरवाह अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निर्देश दिया कि जनकल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी हाल में क्षम्य नहीं होगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को चेताया कि सत्यापन के दौरान हैंडपंपों के संचालन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो अवर अभियंता व सहायक अभियंताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
डीएम ने कहा कि हैंडपम्प लगाने व रिबोर का कार्य माह के अन्त तक पूर्ण करा लें। मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी व जल निगम की टीम के साथ जहां पानी खराब मिलने की शिकायत मिल रही है परीक्षण कराये। जिन क्षेत्रों के हैंडपम्पों के स्थापना का विवाद है वहां तत्काल उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराये।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के पास 22 लाख रुपये पड़े रहने को संज्ञान में लेते हुए नाराजगी जताई। निर्देश दिया कि जुलाई एवं अगस्त में ग्रामीण क्षेत्रों में कराये जाने वाले कार्यों की योजना बनाएं। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सार्वजनिक स्थलों पर कराये जाने की व्यवस्था करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चकिया के चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर भी फटकार लगाई। कहा कि जो चिकित्सक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपस्थित नही रहते है उन्हें मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए रिपोर्ट कैम्प कार्यालय पर स्वयं उपस्थित होकर दें।
माध्यमिक शिक्षा अभियान में यूपीपीसीएल द्वारा बनाये जा रहे 15 विद्यालयों का निर्माण कार्य अभी तक न पूर्ण न होने पर सख्त नाराजगी जताई। कहा कि प्रत्येक दशा में 15 अगस्त के पूर्व विद्यालयों का हस्तानान्तरण कर दें। कहा कि एक से 15 अगस्त तक अभियान चलाकर पौधरोपण का कार्य पूर्ण कराए। इस मौके सीडीओ जगदीश सिंह, जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह आदि उपस्थित रहे।