चंदौली। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड की प्रवेश परीक्षा रविवार को जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो गई। दोनों पालियों में 675 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं रिजनिंग और सामान्य ज्ञान के सवालों ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया। परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमण के मद्देनजर केंद्रों पर विशेष एहतियात बरती गई। दोपहर में केंद्रों का दोबारा सैनिटाइजेशन कराया गया। अभ्यर्थी भी मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्स लेकर परीक्षा में सम्मिलित होने पहुंचे थे। कक्षों में अभ्यर्थियों को सामाजिक दूरी का पालन कराया गया। ा।
बीएड की प्रवेश परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया गया था। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 बजे व दूसरी पाली में दोपहर दो से शाम पांच बजे तक परीक्षा हुई। पहली पाली में छह केंद्रों पर 338 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जबकि 337 अभ्यर्थियों ने दूसरी पाली की परीक्षा से किनारा कर लिया। शहाबगंज के डुमरी गांव की परीक्षार्थी आकांक्षा मौर्या ने बताया कि सामान्य ज्ञान का पेपर कठिन था। कहारपुर, खड़ान की रुचि सिंह ने बताया कि इस वर्ष पेपर का पैटर्न कुछ बदला था। इस वर्ष सामान्य ज्ञान व करेंट अफेयर से ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे। सकलडीहा की ईशा ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी रिजनिंग का पेपर हल करने में हुई। तैयारी के सापेक्ष पेपर का पैटर्न बदला होने से भी कठिनाई हुई। ताजपुर, सकलडीहा की श्रेया सिंह ने बताया कि तैयारी पूरी रहने से पेपर अच्छा गया है। भाषा सहित अन्य सभी पेपर आसान थे।
पर्यवेक्षक व केंद्र प्रतिनिधियों की निगरानी में नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराई गई। इसके अलावा उड़ाका दल की दो टीमें लगातार चक्रमण करती रहीं। अभ्यर्थियों के प्रवेश से पूर्व प्रवेश पत्र के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्स की भी जांच की गई। जिन अभ्यर्थियों के पास कोरोना से बाचव के संसाधन नहीं थे, उन्हें रोक दिया गया। अभ्यर्थियों को परिजनों व सगे संबंधियों को फोन कर मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्स मंगाना पड़ा। इसके बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर पाए। परीक्षा प्रभारी डा. आरएन शर्मा ने बताया कि दोनों पालियों में 675 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमण के मद्देनजर एहतियात बरती गई।
पीडीडीयू नगर। बीएड की संयुक्त परीक्षा रविवार को जिले के छह केंद्रों पर आयोजित हुई। इस दौरान बीएड प्रवेश परीक्षा में महिला परीक्षार्थियों की भागीदारी काफी बढ़चढ़ कर दिखी। रविवार की परीक्षा के दौरान महिला अभ्यर्थी जहां अंदर कक्ष में परीक्षा दे रही थी और सवालों को हल करने में उलझी थी वहीं बाहर उनके पति बच्चे को लेकर परेशान थे। कमोवेश सभी केंद्र के बाहर दोनों पाली में ऐसा नजारा देखने को मिला। दरअसल, परीक्षा के दौरान बच्चों को संभालने की जिम्मेवारी पापा पर आ गई थी। छोटा बच्चा तीन घंटे तक पापा को मम्मी के लिए परेशान करते रहे। कोई टॉफी, खिलौना, बैलून आदि से बच्चे को बहलाने का प्रयास कर रहा था।