दुलहीपुर में पैमाइश करते राजस्व विभाग की टीम। संवाद
दुलहीपुर। सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियों की जांच बुधवार से शुरू हो गई। प्रभावित लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए राजस्व टीम मौके पर पहुंची और दोबारा पैमाइश शुरू की। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चौड़ीकरण की जद में कितनी जमीन और कितने निर्माण आ रहे हैं।
जांच के दौरान टीम ने आपत्तियां दर्ज कराने वाले लोगों के बताए स्थानों का मौके पर निरीक्षण किया। कई स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने घरों के अंदर तक जाकर नाप-जोख की। इसके जरिए जमीन की वास्तविक स्थिति, निर्माण की सीमा और चौड़ीकरण के लिए निर्धारित क्षेत्र का मिलान किया गया।
जिन लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई थी, वहां दोबारा पैमाइश कर लाल निशान लगाए गए। अधिकारियों ने मौके की स्थिति और पूर्व में निर्धारित की गई सीमा का मिलान किया। स्थानीय लोगों ने जमीन और निर्माण की सीमा को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं।
मुआवजे के निर्धारण में किसी तरह की विसंगति न हो, इसके लिए वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि जितनी भूमि और निर्माण चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं, उसी के आधार पर लोगों का मुआवजा दिया जाएगा।
जांच के दौरान संयुक्त टीम में दुल्हीपुर के लेखपाल सलामन खान, लेखपाल पंकज सिंह, सुजीत यादव, राजस्व निरीक्षक राजेश यादव, पीएल टीम के जेई आरके चौहान और एप्को की टीम शामिल रही। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की आपत्तियों का निरीक्षण किया और स्थल की स्थिति को दर्ज किया।पैमाइश के दौरान स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे।