सिविल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में अध्यक्ष पद पर राणा प्रताप सिंह
ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रणधीर सिंह को 340 मतों से शिकस्त दी। जबकि
महामंत्री पद पर त्रिकोणीय लड़ाई में बाजी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने मारी।
रविवार की शाम को परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थक
खुशी से झूम उठे। सदर कचहरी परिसर में अधिक्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा
किया और ढोल-नगाड़े की थाप पर जमकर थिरके और जुलूस निकाल कर आपपास के इलाके
में भ्रमण किया। इस दौरान खूब आतिशबाजी भी हुई।
चुनाव अधिकारी
चंद्रमौलि उपाध्याय की निगरानी में रविवार की सुबह सिविल
बार सभागार में
मतों की गणना का कार्य शुरू हुआ। जैसे-जैसे समय बीतता गया, कचहरी परिसर में
मौजूद अधिवक्ताओं में हार-जीत के निर्णय को लेकर उत्सुकता बढ़ती गई।
रविवार होने के बाद भी कचहरी परिसर अधिवक्ताओं की भीड़ से खचाखच भरा हुआ
था।
हालांकि दोपहर बाद काफी अंतर से आगे चल रहे प्रत्याशियों की जीत लगभग
सुनिश्चित हो गई थी। अध्यक्ष पद के लिए राणा प्रताप सिंह को कुल 1075,
रणधीर सिंह को 735 व महेंद्र चतुर्वेदी को मात्र 46 मत प्राप्त हुए।
इसी
तरह महामंत्री पद के उम्मीदवार वीरेंद्र प्रताप सिंह को 946, राकेश कुमार
पांडेय को 475 व निशात अख्तर को 435 मत प्राप्त हुए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के
प्रत्याशी मोहन सिंह को 1091 व गोकुल प्रसाद को 720 वोट मिले।
जबकि
कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर चंद्रशेखर श्रीवास्तव को 1238 व परेस पांडेय को 512
मत मिले।
इसमें अध्यक्ष पद के लिए राणा प्रताप सिंह ने 340 व महामंत्री
वीरेंद्र प्रताप सिंह ने 471 मतों से विजय हासिल की। परिणाम आने के बाद
साथी अधिवक्ताओं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत
किया।
इसके बाद एक-दूसरे का मुंह मीठा कर खुशी का इजहार किया। गौरतलब है कि
शनिवार को बार के लिए मतदान हुआ था। चुनाव परिणाम जानने के लिए दिन भर
कचहरी परिसर में उत्सुकता का माहौल रहा।
दूसरी तरफ बार एसोसिएशन के
चुनाव अधिकारी चंद्रमौलि उपाध्याय ने वार्षिक चुनाव शांति पूर्वक सकुशल
संपन्न होने पर सहयोगी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने
शांतिपूर्ण माहौल कायम रखने में सहयोग करने पर पुलिस व मीडिया का भी आभार
जताया।