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Chandauli News: 16 साल से राजेश योगी लोगों को बना रहे निरोगी

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। रोज करे योग रहे निरोग इस वाक्य को जिले के राजेश योगी ने जीवन का मंत्र बना लिया है। उनकी बात मानकर रोजाना योग करने वालों की पथरी, शूगर और हृदय आदि बीमारियां भी ठीक हुई हैं। पतंजलि योग पीठ के योगाचार्य और अलीनगर निवासी राजेश योगी (50) की आज जिले में योगी की पहचान बन चुकी हैं। वे 16 साल से गांव-गांव में योग की अलख जगा रहे हैं। अब तक वे सैकड़ों लोगों को योग से निरोग कर चुके हैं। राजेश ने बताया कि पहले वह ट्रांसपोर्टर थे। 2010 में उनकी पेशाब की थैली में 8.2 एमएम की पथरी हो गई थी। बीएचयू में सर्जन ने ऑपरेशन करने की सलाह दी। इस बीच उन्होंने ने टीवी पर योग गुरु बाबा रामदेव को देखा और उन्होंने भी योग शुरू किया। राजेश ने प्राणायाम, अनुलोम-विलोम के साथ वाह्य प्राणायाम और अग्निसार क्रिया की। नतीजतन एक माह में पथरी गायब हो गई। इसके बाद राजेश ने अपना पूरा जीवन योग को समर्पित कर दिया। बीएचयू से योग से डिप्लोमा करने के साथ योग में मास्टर की डिग्री ली। इसके बाद गांव गांव योग का प्रचार शुरू किया। वर्तमान में 60 गांवों में उनकी योग की कक्षाएं चल रही हैं।
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अलीनगर मानस नगर गेट निवासी कंप्यूटर टीचर रवि शर्मा 35 वर्ष की आयु में मोटापा के शिकार हो गए। स्थिति यह हो गई कि 82 किलो वजन के कारण उन्हें अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आने लगी। इस बीच इनकी मुलाकात योग गुरु राजेश योगी से हुई। राजेश योगी के बताने पर इन्होंने वर्ष 2022 में खाने में मैदा, समुद्री नमक, रिफाइंड और चीनी का सेवन बद कर दिया। सप्ताह में तीन दिन उपवास किया और योग प्रणायाम किया। वर्तमान में इनका वजन 60 किलो से कम है और वे पूरी तरह फिट हैं। इसी तरह संतोष गुप्ता को वर्षों से त्वचा संबंधी समस्या बनी हुई थी। राजनेता और व्यवसायी संतोष गुप्ता ने लंबे समय तक दवाएं लीं लेकिन ठीक नहीं हुए। वर्ष 2022 में योग शुरू किया और एक माह के भीतर पीठ पर बनने वाले लाल चकत्ते बंद हो गए। इसके बाद से वे लगातार योग कर रहे हैं। गोधना गांव निवासी तपन कुमार का डेढ़ वर्ष पहले लीवर फैटी हो गया। उन्होंने राजेश योगी के योग की कक्षा में जाना शुरू किया। एक माह के भीतर उनका लीवर ठीक हो गया।



उम्र 60 के पार, योग ने बनाया जिंदगी खुशहाल
पीडीडीयू नगर। तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा जल्दी बुढ़ा और कमजोर हो जा रहे हैं। दूसरी तरफ योगाभ्यास के कारण कई ऐसे बुजुर्ग है जो युवा से ज्यादा फिट हैं। उन्होंने जीवन में योग की महत्ता को समझा और निरंतर योगाभ्यास करना शुरू किया। इससे वे बुढ़ापा में होने वाली बीमारियों से भी दूर हैं। प्रति वर्ष 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस बार के योग दिवस की थीम योग फ़ॉर हेल्थी एजिंग है। नगर के कुछ बुजुर्ग इस पर पूरी तरह खरा उतरते हैं। वे न सिर्फ स्वयं योग से फिट हैं बल्कि दूसरों को भी योग सिखाकर तंदरूस्त बना रहे हैं।
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पीडीडीयू नगर निवासी रेलवे में चीफ लोको निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त जेएन तिवारी आज भी पूरी तरह फिट हैं। जेएन तिवारी ने बताया कि वह रोजाना सुबह आधा घंटा योग करते हैं। नौकरी के दौरान उन्हें योग ने तनाव मुक्त बनाया। लगातार योग करने का ही नतीजा है कि वे पूरी तरह फिट हैं। इसी तरह लोको पायलट मेल पद से सेवानिवृत्त हुए आरएम मिश्र आज भी रोजाना एक घंटे तक योग करते हैं। इसका नतीजा है कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है। खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। इसी तरह 73 वर्षीय बीडी रजक लोको पायलट पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। आज भी वे रोजाना पैदल चलते हैं और पूरी तरह फिट हैं। वे कहते हैं कि वे रोजाना 40 मिनट योगासन करते हैं। इससे बीमारियों से दूर रहने में मदद मिलती है। यही हाल सेवानिवृत लोको पायल आरके शफी का भी है। रोजाना वे दो घंटे योग और व्यायाम करते हैं।
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