एक पखवारे के बाद गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ाव जारी है। प्रति घंटे तीन सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा का जल स्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव के लोग भयभीत हो गए हैं। स्थिति यह हैकि जिले में खतरे के निशान से मात्र तीन मीटर नीचे से गंगा बह रही है। जिस रफ्तार से पानी का बढाव जारी है, इससे आशंका है कि जल्द ही पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा।
पहाड़ों की बारिश के साथ प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश ने गंगा के जल स्तर को बढ़ा दिया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के आधार पर चौबीस घंटों में गंगा के जल स्तर में तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार दिखी है। मंगलवार को गंगा का जल स्तर 66.17 आंका गया जबकि जिले में गंगा में खतरे का निशान 71. 26 है। इस तरह मंगलवार को गंगा खतरे के निशान से मात्र 3.9 मीटर नीचे बह रहा है, लेकिन जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उससे अनुमान है कि दो तीन दिनों पानी खतरे के निशान को पार कर जाएगा। वहीं बलुआ और तिरगांवा गंगा घाट पर सीढ़िया लगभग पानी में डूब चुकी है। इससे गंगा का जल भयावह हो गया। वहीं तटवर्ती इलाकों के कुंडा, मवई, छेमिया, महरौड़ा, बलुआ, महुआरी, पूरा गनेश, पूरा विजयी, हसनपुर, मिश्रपुर सहित अन्य गांवों के लोग भयभीत हैं। तटवर्ती गांवों में गंगा की लहरे जब तट से टकरा रही तो भयंकर आवाज हो रही है और यह आवाज ग्रामीणों को दहला रही है। यही हाल धानापुर के तटवर्ती गांवों का भी है। ग्रामीण गंगा के रौद्र रूप को देख कर वर्ष 2013 में आयी बाढ़ को याद कर रहे हैं और गांव को छोड़ने का प्लान बना रहे हैं। इस संबंध में एडीएम बीबी पांडेय कहते हैं कि गंगा के जल स्तर पर पैनी निगाह रखी जा रही है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम है।
बाढ़ चौकियों की स्थापना हो चुकी है। अधिक नुकसान होने नहीं दिया जाएगा।