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बारिश ने किसानों की बढ़ाई मुश्किल, खेत और खहिलान में भीगा धान

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कंदवा में खलिहान में तिरपाल से ढककर रखा धान। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। मौसम के उतार चढ़ाव और बिना मौसम बारिश से रबी की बोवाई और धान की फसल की कटाई के सीजन में किसानों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार की रात हुई अचानक बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बारिश से खेत में जहां धान की खड़ी फसलें लेट गईं वहीं खलिहान में मड़ाई के बाद रखे धान भीग गए। इधर कृषि मौसम विज्ञानी ने शनिवार 21 नवंबर को फिर बारिश होने की संभावना जताई है। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही है।
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इधर कई दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के साथ बृहस्पतिवार की रात हुई बेमौसम बारिश से किसानों के होश उड़े हुए हैं। उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं। किसानों को इस बात की चिंता है कि अधिक बारिश हो गई तो धान की फसल तो नुकसान होगी ही रबी की बोवाई भी पिछड़ जाएगी। कृषि मौमस विज्ञानी कृष्ण मुरारी पांडेय के अनुसार 21 नवंबर को छिटपुट बारिश की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि बाकी दिनों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। औसत अधिकतम तापमान 25.0 से 27.0 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 9.0 से 11.0 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं आर्द्रता 72% से 80% के बीच रहेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह के अनुसार सामान्य गति से पश्चिम-दक्षिण दिशा की ओर हवा चलने की संभावना है। विज्ञानियों ने किसानों को सतर्क किया है कि वे खलिहान में पड़ी धान की फसल को सुरक्षित कर लें।
पिछले साल भी बर्बाद हुई थी फसल
पीडीडीयू नगर। पिछले साल भी नवंबर के अंत में और दिसंबर के मध्य में हुई भारी बारिश और तेज हवा से किसानों को काफी नुकसान पहुंचा था। धान की फसल खेतों में सड़ गई थी। खलिहान में पड़े धान भी खराब हो गए थे। इस साल भी बारिश होने से किसान परेशान हो उठे हैं। किसानों को अब बैंकों से कर्ज लेकर खेती करने और उसे जमा करने की चिंता सताने लगी है।
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