पीडीडीयू नगर। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जिले के करीब 40 गांवों में 600 एकड़ से ज्यादा खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे धान समेत विभिन्न फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पांच सौ से ज्यादा किसानों की मेहनत पानी में डूब गई है। सकलडीहा, नियामताबाद, चहनिया, शहाबगंज ब्लॉक में सबसे ज्यादा फसलें तबाह हुई हैं। अब किसान नुकसान का सर्वे और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से खेतों में पानी भरा हुआ था। इसी बीच बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया और फसलें डूब गई हैं। इससे फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि धान और सब्जी समेत अन्य फसलों में काफी लागत लग चुकी थी। फसल बर्बाद होने से उन्हें भारी नुकसान होगा। किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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सकलडीहा में 900 बीघा धान की फसल डूबी
सकलडीहा। बारिश और नहरों में पानी छोड़े जाने के कारण कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। करीब 900 बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। सकलडीहा खडेहरा, मनिहरा, जलालपुर, रिष्टि, लेहरा, इटवा, ओरवा, दुर्गापुर, कांधी, विशुनपुरा व धरहरा गांव के किसानों ने बताया कि खेतों में बारिश का पानी पहले से ही भरा था। इसी बीच नहरों में पानी छोड़े जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। किसानों का कहना है कि नहर की सफाई हो गई होती तो ऐसी नौबत नहीं आती। किसानों को पूरी मेहनत और लागत डूबती नजर आ रही है। संवाद
सात साल से बर्बाद हो रही फसल, कर्ज का बढ़ रहा बोझ
इलिया। क्षेत्र के बड़ौरा गांव निवासी कन्हैया लाल गुप्ता सात वर्षों से खेत में जलभराव से परेशान हैं। वह कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि एसडीएम के यहां प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कन्हैया ने बताया कि उनके भाई स्व. गिरधारी प्रसाद गुप्ता ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लिया था। इलाज में खर्च होने और हर साल फसल बर्बाद होने से कर्ज बढ़ता गया। कर्ज चुकाने के लिए जमीन भी बेचनी पड़ी है। संवाद
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अहरौरा बांध से छोड़े पानी से धान की फसल जलमग्न
बबुरी। अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल जलमग्न हो गई है। अकोढ़ा कला, शिवपुर, सलेमपुर, सोनईडीह, महदेऊर, पड्या सहित आसपास के गांवों में 400 एकड़ से ज्यादा खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों को धान की फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
पानी निकासी न होने से खेतों में भरा है पानी
ताराजीवनपुर। क्षेत्र के बसनी, रामपुर, डिग्घी, सदलपुरा, रेवसा, कुछमन, बरडीहा, इब्राहिमपुर, माटीगांव, बसिला, महदेऊल सहित दर्जनों गांव में खेत जलमग्न हैं। इससे किसानों की सैकड़ों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
ये गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
खड़ेहरा, मनिहरा, जलालपुर, रिष्टि, लेहरा, इटवा, ओरवा, दुर्गापुर, कांधी, विशुनपुरा, धरहरा, बड़ौरा, अकोढ़ा कला, शिवपुर, सलेमपुर, सोनाईडीह, महदेऊर, पड़्या, बसनी, रामपुर, डिग्घी, सदलपुरा, रेवसा, कुछमन, बरडीहा, इब्राहिमपुर, माटीगांव, बसिला, टांडाकला।
किसानों ने कहा, अब पेट कैसे भरेगा
मेरी चार बीघा धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। हजारों रुपये रोपाई में खर्च हुए थे। फसल भी अच्छी थी पर सब पानी में मिल गया। गांव में 12 अन्य किसानों की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। गोरख सिंह, टांडाकला
मेरी 10 बिस्वा धान की तैयार फसल पानी भरने से बर्बाद हो गई है। खेती से बहुत उम्मीद थी पर अब कुछ नहीं बचा। क्षेत्र के 11 से ज्यादा गांवों में यही स्थिति है। किसानों के मेहनत पर पानी फिर गया है। - बसावन सिंह, टांडाकला
- मेरे खेतों में बहुत अच्छी फसल थी। 28 अगस्त को बांध छोड़ने के कारण क्षेत्र में बाढ़ सी स्थिति हो गई। हमारी पांच बीघा फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र में 600 बीघा से ज्यादा फसल पानी में डूबी हुई है। -रामआसरे, महदेऊर
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मेरी 10 बीघा की फसल पानी में बर्बाद हो गई है। बांध से अचानक पानी आने के कारण पूरी फसल डूब गई। क्षेत्र की बात करेंगे तो 500 बीघा से ज्यादा फसल जलमग्न है। - कुंजु यादव, महदेऊर
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कोट........
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अहरौरा बांध के फाटकों में लगे बियर में कुछ समस्या आने के कारण बांध का लेवल मेंटेन करने के लिए पानी छोड़ा गया था। लेवल मेंटेन होते ही पानी रोक दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में जानकारी एकत्र की जा रही है। नुकसान का आकलन कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार वर्मा, एसडीएम, पीडीडीयू नगर।
बाढ़ और बारिश फसलों के नुकसान का मुआवजा जिला प्रशासन की ओर से दिया जाता है। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया होगा, उन्हें कृषि विभाग की ओर से मुआवजा देने का प्रावधान है। इसकी प्रक्रिया जल्द की जाएगी। - विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी, चंदौली।
चंदौली में डूबी फसल को देखते किसान। संवाद
चंदौली में डूबी फसल को देखते किसान। संवाद