ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के मानस नगर स्थित सामुदायिक भवन में जोनल
अधिवेशन में शुक्रवार को रेलकर्मियों ने अपने हक के लिए हुंकार भरी।
अधिवेशन
में सातवें वेतन आयोग की संस्तुति के खिलाफ आर पार की लड़ाई करने, स्थानीय
मंडल की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने का ऐलान किया। यही नहीं प्रस्ताव
पास कर रेलवे में यूनियनों के मान्यता प्राप्ति के लिए होने वाले चुनाव में
विभिन्न संगठनों के लोगों का महागठबंधन बनाने कर वर्तमान यूनियन को हटाने
के लिए लड़ाई करने का निर्णय लिया गया।
मजदूर यूनियन के केंद्रीय परिषद
के अधिवेशन में पूर्व मध्य रेलवे के मुगलसराय, दानापुर, धनबाद, समस्तीपुर
और सोनपुर मंडल के प्रतिनिधि मंडल के लोग शामिल हुए।
इस दौरान यूनियन के
महामंत्री बीके सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया
जाएगा। कहा कि रेलवे ने सातवें वेतन आयोग के नाम पर कर्मचारियों को झुनझुना
थमाया है। अपने हक के लिए सभी कर्मचारी एकजुट हैं।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि
वर्तमान समय में जो मजदूर यूनियन हैं, वे निष्क्रिय हैं। इससे रेलकर्मियों
का शोषण बढ़ा है। स्थानीय मंडल में समस्याओं का अंबार है। ऐसे में वर्तमान
की यूनियनों को बाहर करना जरूरी है।
अधिवेशन में सातवें वेतन आयोग की
रिपोर्ट में सुधार, न्यूनतम वेतन 2600 रुपये मासिक करने, रेलकर्मियों के
एक बच्चे को रेलवे में नौकरी देने, रेलवे क्वार्टरों की बढ़ी हुई बिजली बिल
की मनमानी कटौती बंद करने, मंडलीय अस्पताल की स्थिति को सुधारने, यहां
डाक्टरों, दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
मांग पूरी न होने
पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर
मान्यता प्राप्ति के लिए होने वाले चुनाव में पंजीकृत यूनियनों का
महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने और वर्तमान मान्यता प्राप्त यूनियन को बाहर
करने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर पूर्व जोनल अध्यक्ष राममूरत यादव,
मोहम्मद जफर हसन, ओबीसी एसोसिएशन के जोनल अध्यक्ष रमेश शर्मा, बीआरडीएमए
के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र राम, आरपीएफ के मंडल मंत्री सतोष सिंह,आदि
ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष बीसी पाल राय ने और
संचालन सहायक महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने की।