आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और केंद्रीय कर्मचारियों के सभी फेडरेशन के
संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध
में गुरुवार को दोपहर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पर रेलकर्मियों ने धरना
प्रदर्शन किया।
इस दौरान हुई सभा में कर्मचारियों की उपेक्षा के
लिए रेल प्रशासन को कोसा और मांग पूरी न होने पर सात मार्च से रेलवे का
चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष और मंडल
प्रभारी बालक राम ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें निराशाजनक और
कर्मचारियों के लिए विरोधी हैं। कहा कि कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26
हजार रुपये होने चाहिए था, जबकि मात्र 18 हजार रुपये करने की सिफारिश की गई
है।
कहा कि वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के दबाव में मात्र चौदह प्रतिशत
वेतन बढ़ोत्तरी की है।
यही नहीं कर्मियों के अन्य भत्तों केे बंद करने
की सिफारिश की गई है। यह सरासर अन्याय है। कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशो
के विरोध में 11 और बारह फरवरी को स्ट्राइक बैलेट का आयोजन किया जाएगा।
इसके तहत सभी कर्मचारियों की राय ली जाएगी। इसके बाद 19 फरवरी को
महाप्रबंधक हाजीपुर को हड़ताल की नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी
नहीं होती है तो सात मार्च से हड़ताल किया जाएगा। कहा कि इस बार की
हड़ताल वर्ष 1974 के हड़ताल से भी व्यापक होगी।
सभा में केंद्रीय संगठन
मंत्री रमेश चंद्र ने सभा के माध्यम से कर्मचारी नेताओं ने सरकार से
समय रहते वेतन आयोग की सिफारिशों में संसोधन की मांग की।