पीडीडीयू नगर। पूर्व मध्य रेलवे के प्लांट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना में ठेके पर काम कराने के विरोध में ईसीआरकेयू के बैनरतले मंगलवार को दूसरे फ्लैशबट वेल्डिंग प्लांट में कर्मचारी जागरूकता अभियान चलाया गया और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया । इस दौरान कर्मचारियों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। चेतावनी दी गई कि यदि ठेके पर काम कराना बंद नहीं किया गया तो आंदोलन तेज होगा ।
इस मौके पर केंद्रीय संगठन मंत्री बीबी पासवान ने कहा कि एक तरफ रेलवे कर्मचारियों को अन्य विभागों को बंद कर इधर उधर एडजस्ट किया जा रहा है। दूसरी तरफ पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों के रहते कार्य ठेके पर कराया जा रहा है। करोड़ों रुपये का काम ठेके पर कराने की बात समझ के पड़े है। इससे रेलवे के राजस्व को क्षति भी पहुंच रही है। कर्मचारी काम मांग रहे हैं लेकिन उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। आल इंडिया रेलवे एससी/एसटी इंप्लाई एसोसिएशन के जोनल अध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार रेलवे के निजीकरण करके आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। इस पर अविलंब रोक लगनी चाहिए। इस मौके प एसपी सिंह, सुल्तान अहमद, एके उपाध्याय, अनिल कुमार सिंह, मोहन राम, बीबी सिंह, शंकर राम, केदारनाथ तिवारी, रामचंदर यादव, रामजी यादव, शिवशकल यादव, रमेश श्रीवास्तव, सुुुधीर कुमार, ऋषिकेश, जीत बहादुर थापा, संजय कुमार, सुनील कुमार, अमरेन्द्र कुमार, प्रभात कुमार, कृष्णा शाह रहे।
पीडीडीयू नगर। पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण इकाई प्लांट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना में ठेके पर काम कराने को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच अनबन चल रही है। कर्मचारी इसे निजीकरण की शुरूआत बता रहे हैं वहीं कारखाना प्रबंधन इसे लागत में कमी का प्रयास बता रहा है। अधिकारियों की माने तो लंबे समय से काम कराया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन राजनीति का नतीजा है।
प्लांट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना में रेल पटरियों की वेल्डिंग, ब्रिज मरम्मत, ट्रैक मशीन आदि का काम किया जाता है। यहां 22 सौ कर्मचारियों की क्षमता है लेकिन वर्तमान में 12 सौ कर्मचारी काम कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं की माने तो कारखाना स्थित संरचना शाला अनुभाग और फ्लैशबट वेल्डिंग प्लांट में पंचिंग, मार्किंग, आक्सी कटिंग, पीएफ शेड बनाने, ग्राइडिंग, रेल लोडिंग और अनलोडिंग का काम ठेकेदारी पर कराया जा रहा है। इसके 70 से 80 बाहरी लोग काम कर रहे हैं। रेल कर्मचारियों के रहते ठेके पर काम कराने से रेल राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं यह निजीकरण की शुरूआत है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री बीबी पासवान ने कहा कि यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। रेलवे के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इसे कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। दूसरी तरफ प्लांट डिपो के अधिशासी अभियंता रामअवध सिंह यादव ने कहा कि कर्मचारियों की कमी की वजह से आउटसोर्सिंग से काम कराया जा रहा है। यही नहीं इससे उत्पादन सस्ता पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है। इससे नुकसान नहीं हो रहा है।
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-2800