रेल कर्मियों के हितों से संबंधित सात सूत्री मांगों के समर्थन और इलेक्ट्रिक शेड की समस्याओं के विरोध में रेल कर्मियों ने इलेक्ट्रिक शेड में सोमवार की सुबह प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे बोर्ड के श्रमिक विरोधी कार्य और संरक्षा कोटि क 42 सौ ग्रेड पे एवं उससे उपर के सुपरवाइजरों को यूनियन में पदाधिकारी बनने से रोक का विरोध करते हुए 23 मार्च को डीआरएम आफिस पर होने वाले प्रदर्शन में रेलकर्मियों से शामिल हाने का आह्वान किया गया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रेल प्रशासन पूरी तरह मनमानी पर उतर आया है। कहा कि ग्रुप सी के उच्चतम वेतन को ग्रूप बी राजपत्रित में अपग्रेशन करने, सुपरवाइजरों को 4600 के बदले 4800ग्रेड पे देने, ट्रैक मैन को हाईपावर कमेटी की अनुशंसा के अनुसार कैडर निर्धारण और पदोन्नति देने, लोको इंस्पेक्टर के वेतन का स्टेपिंग अप करने, फास्ट ट्रैक कमेटी के अनुशंसा के अनुसार सहमिति के बाद रनिंग कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों को लागू करने सहित सात सूत्री मांगों पर समर्थन के बाद भी लागू नहीं किया गया।
इसके विरोध में 23 मार्च को डीआरएम कार्यालय पर और 30 मार्च को हाजीपुर स्थित महाप्रबंधक कार्यालय पर धरना प्रदश्रन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि मंडल में भी अनेक समस्याएं हैं। सबसे बड़ी समस्या शेड में पेयजल को लेकर है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो रेलकर्मी आंदोलन करेंगे। सभा में केदार प्रसाद, भैयालाल, शोभनाथ सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता आईबी मिश्र ने की।