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रद्द टिकट के छह माह तक रिफंड होंगे पैसे

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पीडीडीयू नगर। कोविड 19 संक्रमण की वजह से देश में लागू लॉक डाउन को देखते हुए रेलवे ने तीस जून तक सामान्य ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ऐसे में किराया वापसी नियम में भी रियायत दी गई है। अब तीस जून तक आरक्षित करा चुके यात्री छह माह तक टिकट का रिफंड ले सकेंगे।
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पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 12 मई से बहाल स्पेशल ट्रेन के लिए बुक किए टिकट को गाड़ी खुलने के 24 घंटे के अंदर रद्द करने पर 50 प्रतिशत राशि जबकि इसके बाद की अवधि के लिए किसी प्रकार के किराया वापसी का प्रावधान नहीं था। रेलवे द्वारा यात्री हित में कदम उठाते हुए इन नियमों में बदलाव किया गया है तथा सामान्य किराया वापसी नियम लागू की गई है। अब अगर कोई भी यात्री अपना कंफर्म टिकट रद्द करवाते हैं तो उन्हें सामान्य नियमों के तहत किराया वापसी की जाएगी। सामान्य किराया वापसी नियम 22 मई को या इसके बाद चलने वाली ट्रेनों के लिए बुक कराए गए टिकट पर लागू होगा। इसी तरह रेलवे ने पीआरएस काउंटर वाले टिकटों के रिफंड नियमों में छूट दी है। सभी नियम ई-टिकट के लिए भी समान रूप से लागू हैं। 21 मार्च से ट्रेन सेवा की पुनर्बहाली तक की यात्राओं के लिए बुक किए (पीआरएस काउंटर एवं ई-टिकट) टिकट छह माह तक किसी भी काउंटर पर रद्द कराए जा सकते हैं। पीआरएस काउंटर से प्राप्त किए गए टिकट को 139 के माध्यम से अथवा आईआरसीटीसी की वेबसाईट पर जाकर भी रद्द किया जा सकता है। इसके बाद आवश्यक सूचना उपलब्ध कराते हुए 06 माह के भीतर किसी भी पीआरएस काउंटर से रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। ई-टिकट के मामलों में निरस्तीकरण की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है । बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशा पर वर्तमान में ट्रेन से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की ट्रेन खुलने के पूर्व स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान काफी अधिक बुखार अथवा कोविड-19 के लक्षण दिखने पर यात्रा की अनुमति नहीं होगी। ऐसे विशेष मामलों में यात्रियों को पूर्ण किराया वापसी की व्यव्स्था की गई है चाहे वह अकेले यात्रा कर रहे हों अथवा समूह के साथ ।
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