इलाहाबाद जिला कचहरी में वकील की हत्या से भड़के जिले के अधिवक्ता
कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को सड़क पर उतर आए। दोपहर करीब 11 बजे नेशनल हाइवे
को डेढ़ घंटे जाम करके उन्होंने सभा की।
जिसमें पुलिस व जिला
प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान पुलिस ने करीब 100 मीटर पहले
ही वाहनों को रोक दिया था। अंत में अधिवक्ताओं ने सीएम का पुतला फूंककर
मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम एनके सिंह को सौंपा।
जिला न्यायालय
परिसर के बाहर गुरुवार को भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया
था। पूर्वाह्न 11 बजे अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में कचहरी परिसर से निकले और
बाजार भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट के सामने नेशनल हाइवे पर आकर बैठ गए।
जिससे वाहनों का आवागमन रुक गया।
जब सभा चल रही थी। तब अधिवक्ताओं की भीड़
को देखते हुए एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा व सीओ सदर राजेश तिवारी के
नेतृत्व भारी संख्या में पुलिस फोर्स वहां डटी गई। अधिकारियों ने
अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता हाइवे से नहीं हटे।
इधर
सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन व प्रदेश सरकार उन पर
दमनात्मक रवैया अपना रही है। इलाहाबाद में एक दरोगा ने एक अधिवक्ता को गोली
मार दी।
दोषी दरोगा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मृतक
अधिवक्ता को आर्थिक सहयोग दिया जाए। अंत में डीएम कलेक्ट्रेट गेट पर आए,
जहां पहुंचकर अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
इस बीच हाइवे पर वाहनों की लंबी
कतार लग गई थी। इस अवसर पर राणा प्रताप सिंह, आनंद प्रताप सिंह, वीरेंद्र
प्रताप सिंह दाढ़ी, शशिशंकर सिंह, सदानंद सिंह, नौशाद खां, वीरेंद्र प्रताप
सिंह शफीक अहमद आदि रहे। संचालन राकेश रत्न तिवारी ने किया।