एक तरफ सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हर हाल में गेहूं खरीद का आश्वासन दे रही है। दूसरी तरफ सरकारी क्रय एजेंसी और बिचौलिया मिलकर अलग खेल कर रहे हैं। इससे किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं बिक रहा है और वे औने पौने दाम पर साहूकारों को बेचने को मजबूर हैं। ऐसा ही मामला जनौली गांव में सामने आया है। यहां सरकारी बोरे में किसानों का गेहूं भरकर रखा मिला। एसडीएम सकलडीहा की छापेमारी के बाद मामले की जांच शुरू हुई। पता चला कि जनौली गांव में सरकारी बोरा बभनियावं रायपुर समिति से आया था।
रविवार को जनौली गांव में सरकारी बोरे में किसानों का गेहूं भर कर रखे जाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सकलडीहा प्रेम प्रकाश मीणा ने देर रात जनौली गांव जाकर सरकारी बोरे में भरे गए किसानों के गेंहू की जांच पड़ताल की। इसमें उन्होंने पाया की सरकारी क्रय केंद्र बभनियाव के सचिव द्वारा किसानों को सरकारी बोरा दिया गया है। उन्होंने आदेश दिया की जांच कर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाय। उपजिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार को बभनियाव रायपुर सहकारी समिति पर एएमओ सकलडीहा श्वेता पांडेय और सहायक विकास अधिकारी सहकारिता धानापुर सजीव कुमार ने जांच की। जाच में पता चला कि समिति के सचिव रविन्द्र शर्मा ने 12 से अधिक किसानों को सरकारी बोरा दिया है। उन अधिकारियों ने बताया जांच की रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को प्रस्तुत कर दी गयी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।