न्यायालय भवन निर्माण समेत विभिन्न मांगों को लेकर अधिवक्ताओं का एक
प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री वीरेंद्र प्रताप
दाढ़ी के नेतृत्व में जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से मिला।
इस
दौरान बार महामंत्री ने न्यायालय भवन के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराने व
निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराए जाने की मांग की। साथ ही सदर कचहरी में
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता जताई। चेताया कि यदि
अधिवक्ताओं की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।
इस
अवसर पर वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि न्यायालय भवन नहीं होने के कारण
अदालतें कई स्थानों पर संचालित हो रही हैं। कुछ अदालतें जहां सदर तहसील
परिसर में संचालित हो रही हैं, तो कुछ पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय
महाविद्यालय में चलती हैं।
वहीं बाल न्यायालय जगदीश सराय के पास किराए के
भवन में संचालित हो रहा है। ऐसे में अधिवक्ताओं को तमाम तरह की समस्या का
सामना करना पड़ता है। कहा कि न्यायालय भवन के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराई
जाए, ताकि न्यायालय का निर्माण कार्य शुरू हो सके।
कहा प्रशासनिक जज ने
बीते दस फरवरी को अधिवक्ताओं से न्यायालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने का
वादा किया था, लेकिन आज तक न्यायालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई।
सदर कचहरी के पास स्टैंड नहीं होने से जगह-जगह दो पहिया वाहन बेतरतीब ढंग
से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। न्यायिक
कार्य बाधित न हो, इसके मद्दनेजर तत्काल स्टैंड की व्यवस्था सुनिश्चित की
जाए।
उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म
कराने की मांग की। कहा कि सदर कचहरी और पंडित कमलापति त्रिपाठी महाविद्यालय
स्थित न्यायालय परिसर में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी को
देखते हुए तत्काल शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर
संतोष कुमार पाठक, वीरेंद्र जायसवाल, प्रतिभा, प्रदीप, संजय, पवन कुमार
दुबे, वीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।