प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर भाकपा माले ने बुधवार को बैराठ फार्म पर
आदिवासियों को खेती करने पर रोक लगाने के विरोध में जिला मुख्यालय पर
धरना-प्रदर्शन किया।
साथ ही नगर में जुलूस निकाल कर जिला प्रशासन
के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग किया कि बैराठ
फार्म की जमीन पर बसे आदिवासियों को उजाड़ना बंद किया जाए।
यदि ऐसा नहीं
होगा तो हम सभी प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
अंत में एक
प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम अनिल कुमार को अपनी मांगों से
संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर माकपा जिला सचिव रामअचल ने कहा कि
ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसल का मुआवजा किसानों को तत्काल दिया जाए।
मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी का भुगतान किया जाए। इसके
अलावा मजदूरों को एक वर्ष में 100 दिन काम देना सुनिश्चित किया जाए।
कामरेड गुलाब चंद्र ने कहा कि बैराठ के आदिवासियों का नाम मतदाता सूची में
शामिल करते हुए उन्हें पहचान पत्र जारी किया जाए, ताकि वे भी अपने
मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
हीरालाल यादव ने कहा कि कुछ लोगों के इशारे
पर एसडीएम चकिया ने खेती करने पर रोक लगा दी है।
कहा आदिवासियों को
उनका हक दिलाया जाएगा। इस अवसर पर लालचंद्र, शम्भू चौहान, रामदुलार,
कन्हैया यादव, जयप्रकाश शर्मा, सतीश, बुधिराम, जयप्रकाश शर्मा आदि रहे।