विकास खंड के कठौरी गांव में पूर्व प्रधान और लेखपाल ने ग्राम समाज की भूमि
पर पिछले चार दशक से रह रहे लोगों के खिलाफ तालाब पाटकर मकान बनाने का
आरोप लगाते हुए गत 19 दिसंबर को 48 ग्रामीणों के खिलाफ अलीनगर थाने में
मुकदमा दर्ज कराया था।
इसकी सूचना मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने
सोमवार की सुबह गांव में ही धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में
पूर्व जिला पंचायत सदस्य तिलकधारी बिंद के समझाने पर प्रदर्शन खत्म हुआ।
बाद में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिलने गया। ग्रामीणों ने
आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश वश उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शन
कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि वे पिछले चालीस वर्षों से उस भूमि पर रह
रहे हैं। यही नहीं पूर्व प्रधान ने इसकी भूमि पर इंदिरा आवास भी आवंटित
किया था। जिसका निर्माण भी जारी है।
चुनाव में पूर्व प्रधान समर्थित एक
उम्मीदवार के हारने के बाद 48 ग्रामीणों के खिलाफ 19 दिसंबर को तालाब पाटने
का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
इसमें दो ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने
भूमि बैनामा कराकर आवास बनवाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधान
ने गांव में 35 इंदिरा आवास आवंटित करने के लिए धन की मांग की थी। पैसा न
देने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी
कि यदि जल्द से मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में बसपा के जिला सचिव और पूर्व जिला पंचायत सदस्य तिलकधारी बिंद
ने ग्रामीणों को समझाया और इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।
बाद में
ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल तिलकधारी बिंद के साथ डीएम के यहां पहुंच
कर ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में पूर्व प्रधान ड्राइवर यादव ने कहा कि लेखपाल
ने स्वयं सर्वे करके मुकदमा दर्ज कराया है। इसलिए पैसा लेने का आरोप सरासर
गलत है।