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बैंक के सामने नारेबाजी

Thu, 17 Nov 2016 01:36 AM IST
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
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पैसा निकालने के लिए कतार में खड़े लोग।
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आजकल बैंकों के पास  नकदी की कमी हो रही है लेकिन इससे ज्यादा बैंक कर्मियों के व्यवहार से  ग्राहक नाराज हैं। स्थिति यह है कि नगर के अधिकतर बैंकों में लंच के बाद  शटर गिरा दिए जा रहे हैं अथवा पैसे न होने की बात कहकर वापस कर दिया जा रहा  है। स्टेट बैंक रेलवे स्टेशन परिसर शाखा का भी शटर शाम तीन बजे गिरा दिया  गया जबकि उस समय ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। इससे नाराज लोगों ने बैंक  प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा, नोट संकट के समय बैंक पूरी तरह मनमानी पर उतर   आए हैं।
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500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने  के बाद से लोग नकदी को लेकर परेशान हैं। यही कारण है कि भोर से ही बैंकों  के बाहर लंबी कतार लग जा रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी नकदी नहीं  मिलने से लोगों का धैर्य जवाब दे दे रहा है। लोगों का आरोप है कि इस समय  बैंकों को कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर काम कराना चाहिए लेकिन बैंक कर्मी  पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं। स्थिति यह है कि सुबह से तो बैंक कर्मी  काम कर भी रहे हैं लेकिन लंच टाइम के बाद काम बंद कर दे रहे हैं।
स्टेट  बैंक की शाखा के बाहर सुबह से ही कतार लगी थी लेकिन शाम तीन बजे अचानक शटर  गिरा दिया गया। इससे परेशान लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस तरह पटपरा से  नोट एक्सचेंज कराने आयी महिला रीता देवी ने बताया कि वह सुबह नौ बजे से  लाइन में लगी थी लेकिन तीन बजे उसका नंबर आने वाला था कि बैंक बंद कर दिया  गया। यूरोपियन कालोनी निवासी तौसिफ ने बताया कि उसके पिता बीमार हैं और  इसलिए पैसे निकालने आया था लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। इसी तरह किरन देवी  ने बताया कि घर में राशन खर्च के लिए पैसे निकालने आयी थी वहीं प्रभुनरायन  तिवारी ने बताया कि अपने एकाउंट में चेक भी जमा करने नहीं दिया जा रहा है।  वहीं ड्यूटी पर तैनात जीआरपी और आरपीएफ के लोग परिचितों को बुलाकर अंदर  घुसा रहे हैं। ग्राहकों ने इसकी शिकायत लोकपाल से करने की चेतावनी दी है।
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