ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडर, टाइपिस्टो ने तीसरे दिन बुधवार को सब रजिस्ट्रार कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी सब रजिस्ट्रार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जनहित में इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। बार एसोसिएशन की बैठक में भी अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडरों, टाइपिस्टों ने सर्वसम्मति से ई-रजिस्ट्री के विरोध में प्रस्ताव पारित किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और टाइपिस्टों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा। रजिस्ट्री का कार्य कुछ सीमित लोगों तक सिमट जाने की आशंका है। अधिवक्ता राम बाबू सोनकर ने कहा कि खतौनी में त्रुटियों के कारण गलत बैनामा होने की आशंका बढ़ेगी। इससे न्यायालयों में मुकदमों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग किया कि ई-रजिस्ट्री लागू करने का निर्णय वापस लिया जाए। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में महामंत्री अखिलेश श्रीवास्तव, मनोज पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।