नौगढ़ में धरना देते भाकपा माले कार्यकर्ता। संवाद
नौगढ़ । नौगढ़ क्षेत्र में जंगल की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और आदिवासी वनवासियों की बेदखली के विरोध में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने जयमोहनी वन रेंज कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं को संरक्षण प्राप्त है, जबकि असली हकदार आदिवासियों को जबरन उजाड़ा जा रहा है।
धरना को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने कहा कि नागनार हरैया में हाल ही में बरसात के मौसम में वन विभाग ने आदिवासी परिवारों की झोपड़ियों को उजाड़ दिया। जब पार्टी नेता दिनेश कोल ने इसका विरोध किया, तो वनकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, जो निंदनीय है।
राज्य स्थायी समिति सदस्य कामरेड सुरेश कोल ने मांग की कि दिनेश कोल के साथ मारपीट करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों पर तत्काल केस दर्ज हो। वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता कामरेड रामकृत कोल ने कहा कि आदिवसी परिवारों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। धरना को कामरेड पतालु गोंड, एपवा जिला अध्यक्ष कामरेड मुन्नी गोंड, राजेश कुमार, श्रवण यादव, चंद्रबली विश्वकर्मा समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड शंकर कोल और संचालन कामरेड रामकृत कोल ने किया।
उधर, जयमोहनी वनक्षेत्राधिकारी मकसूद हुसैन ने बताया कि 28 अगस्त को धौठवा अमदहाँ वन ब्लॉक नंबर 10 में लगभग दो हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया था। इस पर वन विभाग ने नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष नौगढ़, पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में कार्रवाई कर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
उन्होंने कहा कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। वनक्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो भी वन भूमि पर कब्जा करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हमारे पास वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं और वनभूमि पर कब्जा करना कानूनन अपराध है।