कमालपुर/ कंदवा। जिले के पालतू पशुओं में इन दिनों में लंपी स्किन डिज़ीज़ (गांठदार त्वचा रोग) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी ने करीब एक दर्जन गावों में पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया है। पशुपालन विभाग पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण कराने का दावा कर रहा है लेकिन बीमारी की चपेट में आने वाले पशुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। मालपुर क्षेत्र के कादिराबाद, गौसपुर, विशुनपुर कला व ढ़ोढ़िया गांव में बड़ी संख्या में मवेशी बीमारी की चपेट में आ गए हैं। कादिराबाद गांव के पशुपालक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनकी दो गायें पिछले एक माह से बीमारी हैं। पशुओं के शरीर पर गांठें निकल आई हैं, जख्म हो गए हैं और उन्होंने दूध देना भी बंद कर दिया है। इसकी कई बार ब्लॉक कार्यालय में शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई पशु चिकित्सक नहीं आया है। कादिराबाद निवासी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उपचार और दवा नहीं मिल पा रही । पशुपालक जमुना सिंह ने बताया कि गांव की आधी से ज्यादा गायें और भैंसें इस बीमारी से पीड़ित हैं। घरेलू इलाज करने की कोशिश की गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है।वहीं पशुपालकों ने चेताया कि गोवंसो का इलाज शीघ्र नहीं किया गया तो यह पशुओं के लिए घातक हो सकता है।
कंदवा क्षेत्र के कई गांव के पशुओं में लंपी बीमारी फैलने लगी है। इससे पशु पालक परेशान हैं। क्षेत्र के अरंगी, असना व ओयरचक गांव में कई पशु लंपी रोग की चपेट में आ गए हैं। इस संबंध में राजकीय पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज सिंह का कहना है कि टीम बनाकर टीका लगाया जा रहा है। अभी किसी अन्य गांवों में रोग फैलने की कोई सूचना नहीं मिली है।
रिपोर्ट- देवेंद्र यादव व सुनील सिंह