चंदौली। न्यायालय के भवन निर्माण के लिए अधिवक्ताओं का धरना सोमवार को जारी रहा। सोमवार को परिसर में जुलूस निकाला गया। वकीलो ने आरोप लगाया कि न्यायालय और मुख्यालय निर्माण के मुद्दे पर प्रशासन लोगों को गुमराह कर रहा है।
सिविल बार के अध्यक्ष चंद्रभानु सिंह ने कहा कि आंदोलन किसी भी सूरत में खत्म नहीं होगा। अधिवक्ताओं को प्रशासनिक षड्यंत्र व प्रलोभन से दूर रहने को आगाह किया। कहा कि यह जनपद के अस्तित्व व अधिवक्ता एकता का मामला है। जिसे जिला प्रशासन खंडित करने की योजना पर काम कर रहा है। अधिवक्ता आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं। महामंत्री अनिल सिंह ने कहा कि जनहित के मुद्दे पर आंदोलित अधिवक्ताओं को विभिन्न संगठनों का साथ व समर्थन मिल रहा है। मुख्यालय के विकास व न्यायालय के निर्माण के लिए दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व महामंत्री राकेश रोशन सिंह बागी, राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत और चकिया बार एसोसिएशन ने आंदोलन को अपना समर्थन देकर मजबूती प्रदान की है। हर दिन यह आंदोलन वृहद और सशक्त होता जाएगा। पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह ने कहा कि सांसद ने यदि प्रयास किया होता तो यहां का गरीब मुंबई-दिल्ली जाकर कमाने को मजबूर नहीं होता, बल्कि उसे अपने जनपद में भी रोजगार मिल जाता, लेकिन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय संभालने के बाद भी एक भी कारखाना चंदौली में नहीं खुल पाया। इस दौरान महामंत्री राज बहादुर सिंह, महेंद्र चतुर्वेदी, शमशुद्दीन, चंद्रभूषण यादव, रामप्रकाश मौर्या, राजेश मिश्रा आदि अधिवक्ता शामिल रहे।