चंदौली। कलेक्ट्रेट में बुधवार को डीएम नवनीत सिंह चहल ने निजी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों संग बैठक की। इसमें स्कूलों में गरीब बच्चों के फीस में रियायत देने पर चर्चा हुई। डीएम ने गरीब अभिभावकों के हित में फैसला लेने की अपील की। साथ ही संचालकों से फीस माफी को लेकर किए गए पहल का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि किसान तो फसल बेचकर अपने बच्चों की फीस जमा कर रहे हैं। फीस जमा करने में सबसे अधिक दिक्कत सरकारी अधिकारी-कर्मचारी ही कर रहे हैं। लाकडाउन की अवधि की फीस जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं। इसके चलते तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं। स्थिति यह है कि दशहरा के समय कर्ज लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों को मानदेय देना पड़ा। गरीब व निरीह बच्चों के साथ रियायत बरती जाएगी। जो अभिभावक बच्चों की फीस जमा करने में असमर्थ हैं, उनकी ओर से फीस माफी को लेकर आवेदन जमा कराया जाए। इस पर विचार किया जाएगा। गरीब बच्चों की हरसंभव मदद की जाएगी। डीएम ने कहा कि संकट काल में एक-दूसरे का सहयोग करना जरूरी है। अभिभावकों के साथ तालमेल बनाकर विद्यालयों को संचालित किया जाए। शासन की गाइडलाइन का पालन किया जाना चाहिए। फीस जमा न करने वाले छात्र-छात्राओं का नाम किसी भी हाल नहीं काटा जाना चाहिए। आनलाइन कक्षाओं से भी ऐसे बच्चों को नहीं हटाया जा सकता। किसी तरह की परेशानी होने पर डीआइओएस से संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद कुमार राय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, अरुण अग्रवाल, अशीष विद्यार्थी, सहित विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य मौजूद रहे।