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घरों में पढ़ी गई अलविदा की नमाज

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घर में अलविदा की नमाज अदा करती मुस्लिम महिलाएं। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर/चंदौली। माह-ए-रमजान के आखिरी जुमा को अलविदा की नमाज पीडीडीयू नगर सहित जिलेेेभर में मुस्लिम बंधुओं ने अपने-अपने घरों में पूरी अकीदत संग अदा की। इस दौरान मुस्लिम बंधुओं ने वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए दुआएं की। लॉकडाउन के कारण जगह-जगह मस्जिदों के बाहर पुलिस बल भी तैनात दिखी, ताकि मस्जिदों में जाने की पाबंदी के आदेश को अमल में लाया जा सके। कोविड-19 यानि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में 31 मई तक लॉकडाउन प्रभावी है। इस कारण मुस्लिम बंधुओं का पवित्र माह रमजान में भी मस्जिदों में जाने की मनाही के कारण पूरे माह लोगों ने अपने-अपने घरों में नमाजे पढ़ी और खुदा की इबादत की। रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को अलविदा की नमाज भी लोगों ने घरों के अंदर ही पढ़ी है। इस दौरान कोरोना महामारी से निजात के लिए दुआ मांगी।
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धानापुर संवाददाता के अनुुसार मुस्लिम बंधुओं ने घरों में अलविदा जुमे की नमाज अदा की। सेक्रेटरी टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के खान मिस्बाही जनरल ने कहा कि माहे रमजान अब हमसे जुदा होने को है, तमाम रहमतें और बरकतें हम पर लुटाकर अब ये रमजान हमसे जुदा हो जाएगा। रमजान का महीना खासकर इबादत के लिए बनाया गया है। इस लॉकडाउन में बेजुबान जानवरों का भी ख्याल रखें। लॉकडाउन का पालन करें। अल्लाह ने इंसान को अशरफुल मख़लूक़ात बनाया तो उसके जान की कीमत भी सबसे ज्यादा है। इस लिए हमको इस वक्त ये चाहिए कि घर पर रहे और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। कोशिश ये करें कि हमारी वजह से किसी को कोई तकलीफ न पहुंचे। शहाबगंज संवाददाता के अनुसार अलविदा की नमाज लोगों ने अपने घरों में पूरी अकीदत संग अदा की गई।
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