सकलडीहा। स्थानीय विकास खंड के दिघवट गांव में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। गांव का विकास हुआ है लेकिन बहुत से विकास कार्य बचे हुए हैं। गांव में चुनाव के लिए ताल ठोक रहे प्रतिनिधि गांव के विकास को तेज करने के दावे करते नहीं थक रहे हैं।
दिघवट गांव की पहचान इलाके से सबसे बड़े गांव के रूप में है। यहां पर राजभर जाति की आबादी आधी से ज्यादा है। गांव की आबादी लगभग 12 हजार है। गांव में आठ हजार से अधिक मतदाता हैं। इस गांव में सकलडीहा विकास खंड का एक मात्र राजकीय विद्यालय भी है। गांव का विकास हुआ है लेकिन अभी भी नाली, खड़ंजा, साफ सफाई, आवास, शौचालय सहित कई विकास के कार्यबचे हुए हैं। सभी पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।
ग्राम प्रधान बेला देवी कहती हैं गांव में विकास होना चाहिए। गांव की नालियों को ठीक कराया गया है, गांव में शौचालय निर्माण, आवास भी पात्रों को दिया जा चुका है। तूफानी सिंह कहते हैं कि गांव में विकास कार्य और कराने की जरूरत है। यहीं इस गांव का चुनावी मुद्दा होगा। उमा सिंह ने बताया कि गांव में पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ देना ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। महेन्द्र राजभर ने कहा है कि गांव में विकास तो वर्तमान ग्राम प्रधान ने खूब कराया है लेकिन उसे और रफतार से आगे बढ़ाना ही हमारी पहली प्राथमिकता होगी।