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वनवासियों की जरूरतों के अनुरूप हो जंगलों का विकास

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नौगढ़। अब वनवासियों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रदेश के जंगलों का विकास किया जाएगा। प्रदेश सरकार की मंशा है कि वनवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जंगलों में ऐसे पौधे लगाए जाएं जो पर्यावरण के अनुकूल हों और वनवासियों के जीविकोपार्जन में सहायक हो। यह बातें काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष राजीव कुमार गर्ग ने रविवार को वन विभाग के गेस्ट हाउस में कहीं।
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उन्होंने अधिकारियों को पेड़-पौधों की सुरक्षा को लेकर नियमित गश्त करने व वन्यजीवों का शिकार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई करने को कहा। मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि प्रदेश में मिर्जापुर, विंध्याचल ,वाराणसी, प्रयागराज मंडल के अलावा चित्रकूट व झांसी मंडल में तेंदूपत्ता, आंवला और महुआ के फूल वनवासियों के जीविकोपार्जन का साधन हैं। ऐसी स्थिति में अब वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता, महुआ, आंवला, आम, इमली, चिरौंजी जैसे स्थानीय प्रजातियों के फलदार पौधे अधिक संख्या में लगाए जाएं जिससे वनवासियों के जीवनस्तर में सुधार हो इससे जंगल का अस्तित्व भी बचेगा और वनवासियों को वन उपज से रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने चंद्रकांता वन विश्राम गृह का निरीक्षण के दौरान महाराज काशी नरेश के शिकारगाह क्षेत्र की भी जानकारी ली और इसे संरक्षित रखने व सुंदरीकरण कराने का डीएफओ रामनगर को निर्देश दिया। इस दौरान वन संरक्षक वाराणसी राजीव कुमार मिश्रा, डीएफओ महावीर कौजलगी, उप प्रभागीय वनधिकारी चकिया धर्मेंद्र सिंह, उप प्रभागीय वनधिकारी दिनेश सिंह, वन क्षेत्राधिकारी रिजवान अली, बृजेश पांडेय, ताराशंकर यादव, नदीम अहमद, इमरान खान मौजूद रहे।
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