नौगढ़। एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाए जाने पर शुक्रवार को चकरघट्टा थाना प्रभारी सुधीर कुमार आर्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थाना प्रभारी को थाने के लॉकअप में काफी देर तक रखा गया। निलंबन के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा गया है। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने यह कार्रवाई की है। थाना प्रभारी ने रिश्वत लेकर सात पशु तस्करों पर कच्ची शराब का मामूली केस बनाकर थाने से ही जमानत दे दी थी। थाने के सिपाही का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद एसपी ने जांच बैठाई थी। आरोपी सिपाही फरार है।
चंदौली के सोशल मीडिया ग्रुप पर छह अप्रैल को एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था। इसमे चकरघट्टा थाने पर तैनात कांस्टेबल संजय यादव एक महिला से एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था। कांस्टेबल ने आश्वासन दिया कि पशु तस्करी जैसे संगीन मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को कच्ची शराब बनाने का मामला बताकर जमानत करा देगा। ऑडियो क्लिप में थानाध्यक्ष सुधीर कुमार आर्य का जिक्र था। ऑडियो वायरल होने के बाद नौगढ़ सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने सिपाही संजय यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद रात में ही संजय यादव फरार हो गया। एसपी ने मामले की जांच चकिया सीओ आशुतोष तिवारी को दी। विवेचना में ऑडियो सत्य पाया गया और रिश्वत लेने के मामले में थाना प्रभारी भी दोषी पाए गए। पता चला कि एक लाख रिश्वत लेकर सात पशु तस्करों को कच्ची शराब का केस बनाकर थाने से ही जमानत दे दी गई। एसपी के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीओ चकिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी चकिया अतुल प्रजापति और रामपुर चौकी इंचार्ज अभिनव गुप्ता ने आरोपी थाना प्रभारी सुधीर कुमार आर्य को सुबह नौ बजे सरकारी आवास से पकड़कर लॉकअप में डाल दिया। कुछ देर बाद चकरघटृटा थाने से उसे सीओ कार्यालय नौगढ़ लाया गया। सीएचसी पर मेडिकल कराने के बाद भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय वाराणसी में पेश किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने बताया कि थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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फरार सिपाही के खिलाफ होगी कुर्की की कार्रवाई
पीडीडीयू नगर। फरार सिपाही पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई थीं। एसपी ने बताया कि सिपाही के खिलाफ अब कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। उस पर इनाम भी रखा जाएगा। संवाद
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कोट-
भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए जाने पर चकरघट्टा थाना प्रभारी सुधीर कुमार आर्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके निलंबन के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा गया है। भ्रष्टाचार के ऐसे मामले में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के मामले में दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। - डॉ.अनिल कुमार, एसपी।
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पहले भी रिश्वत के मामले आए हैं सामने
पीडीडीयू नगर। रिश्वत के मामलों में चंदौली में पहले भी कई दरोगा पर निलंबन और जेल भेजने की कार्रवाई की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2022 को जिले के सबसे बड़े थाने मुगलसराय के प्रभारी संताष श्रीवास्तव को जमीन मामले में पांच हजार रुपये रिश्वत लेने पर निलंबित कर दिया गया था। उसका पैसे लेते वीडियो वायरल हुआ था। 27 फरवरी 2020 को अलीनगर थानाक्षेत्र के जफरपुर चौकी प्रभारी अवधेश सिंह को मारपीट के एक मुकदमे के सिलसिले में रिश्वत लेते पकड़ा गया था। 2019 में चंदौली. सैयदराजा थाना क्षेत्र के बगही गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर वन विभाग के दरोगा को पांच सौ रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था। सीओ लाइन नीरज सिंह ने वन दरोगा को पकड़कर कार्रवाई की थी।
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